MEA On Afghan-PAK Tension: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव पर भारत ने स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया है. गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने औपचारिक बयान जारी करते हुए पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि इस्लामाबाद को अपनी आंतरिक विफलताओं के लिए दूसरों को दोषी ठहराने की आदत छोड़नी चाहिए.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “हम स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. पाकिस्तान की तीन विशेषताएं इस पूरे घटनाक्रम में साफ दिखती हैं, पहला, यह देश लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है और उनका समर्थन करता है. दूसरा, अपनी आंतरिक असफलताओं को छिपाने के लिए वह पड़ोसी देशों को दोषी ठहराता है. तीसरा, पाकिस्तान इस बात से खिन्न है कि अफगानिस्तान अब अपने क्षेत्रों पर संप्रभुता का पूरी तरह से प्रयोग कर रहा है.”
#WATCH | Delhi | On the tensions between Pakistan and Afghanistan, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "... Three things are clear. One, Pakistan hosts terrorist organisations and sponsors terrorist activities. Two, it is an old practice of Pakistan to blame its neighbours… pic.twitter.com/89mmeBdQmC
— ANI (@ANI) October 16, 2025
भारत ने दोहराया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता का पूरी तरह से समर्थन करता है और इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अस्थिरता फैलाने वाले प्रयासों का विरोध करता है.
भारत की पाकिस्तान पर तीखी प्रतिक्रिया
गत सप्ताह पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर आरोप लगाया था कि वहां से आतंकवादियों को उसकी सीमा में घुसपैठ कराई जा रही है. इसके साथ ही, अप्रत्यक्ष रूप से भारत पर भी इस संघर्ष को उकसाने का आरोप लगाया गया था.
भारत ने इस बयान को “गैर-ज़िम्मेदाराना और बेबुनियाद” करार देते हुए कहा, “यह पाकिस्तान की पुरानी रणनीति है, पहले आतंकवाद को बढ़ावा देना, फिर उसकी विफलताओं का ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ना.” रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपने अंदर झांकने की ज़रूरत है, बजाय इसके कि वह पड़ोसियों पर झूठे आरोप लगाए.
सीमा पर हिंसा, बढ़ते हालात और मानवीय संकट
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर इस सप्ताह तनाव चरम पर पहुंच गया. 14 अक्टूबर की रात को दोनों देशों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसके बाद 15 अक्टूबर को पाकिस्तानी सेना ने अफगान सीमा के भीतर हवाई हमले किए.
संयुक्त राष्ट्र मिशन की रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में 17 लोगों की जान गई और 346 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. सीमा पर बढ़ती हिंसा से दोनों देशों में मानवीय संकट गहराता दिख रहा है.
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