Houthis Saudi War: यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग लड़ रहे सऊदी अरब की मदद के लिए पाकिस्तान ने बड़ा फैसला लिया है. पाकिस्तान सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए 25 हजार अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने जा रहा है. यह तैनाती हाल ही में बने मक्का डिफेंस पैक्ट के तहत की जाएगी. इसका फैसला एक दिन पहले सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई मक्का डिफेंस पैक्ट की बैठक में लिया गया. पाकिस्तान के इस कदम से हूती विद्रोहियों के साथ तनाव बढ़ने की आशंका है. हूती पहले ही पाकिस्तान को हमले की चेतावनी दे चुके हैं.
पाकिस्तान ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सेना ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास हूतियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की सेनाओं ने बाब अल-मंदेब के आसपास कई अहम इलाकों पर दोबारा कब्जा कर लिया है. सरकारी सेना ने जलडमरूमध्य के उत्तर में मौजूद महत्वपूर्ण शहर धुबाब को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है. इसके अलावा बाब और हदीद शहरों पर भी कब्जा करने का दावा किया गया है.
पाकिस्तानी सेना के साथ वायुसेना और रॉकेट फोर्स भी होगी तैनात
रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में होने वाली इस तैनाती में पाकिस्तान की थल सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ मिसाइल और रॉकेट फोर्स भी शामिल होगी. पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए तैनाती से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. इसमें सैनिकों की सही संख्या और मिसाइल व रॉकेट फोर्स की जिम्मेदारी जैसी जानकारी शामिल है.
बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सैनिकों की एक बड़ी भूमिका सऊदी अरब की राजधानी रियाद और धार्मिक शहर मक्का व मदीना की सुरक्षा में हो सकती है.
सऊदी अरब में पहले से मौजूद हैं पाकिस्तानी सैनिक
सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैनिक पहले से ही तैनात हैं. पाकिस्तान के हजारों सैनिक और सैन्य सलाहकार वहां सुरक्षा, खुफिया और दूसरी सैन्य गतिविधियों में मदद करते हैं. अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी सऊदी अरब में करीब 8 हजार से 15 हजार पाकिस्तानी सैनिक मौजूद हैं. हालांकि, कुछ हालिया रिपोर्ट्स में यह संख्या 30 हजार से 40 हजार तक होने का दावा किया गया है.
हूतियों ने पाकिस्तान को दी हमले की धमकी
पाकिस्तान के सऊदी अरब की मदद के लिए आगे आने से हूती विद्रोही भड़क सकते हैं. हूतियों ने पहले ही पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि वह मक्का डिफेंस पैक्ट के जरिए सऊदी अरब की सैन्य मदद न करे.
हूतियों ने कहा है कि अगर पाकिस्तान या तुर्की की सेना सऊदी अरब के साथ मिलकर उनके खिलाफ किसी आक्रामक कार्रवाई में शामिल होती है, तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा. उन्होंने 'लोहे के मुक्के' से जवाब देने की धमकी दी है. हूतियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर किसी तरह की दखलंदाजी हुई तो लाल सागर और बाब अल-मंदेब के आसपास पाकिस्तानी व्यापारिक जहाजों और समुद्री रास्तों को निशाना बनाया जा सकता है.
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