Indus Waters Treaty: सिंधु जल संधि को लेकर भारत के सख्त रुख के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी चिंता सार्वजनिक की है. मंगलवार को पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त सैयद मोहम्मद मेहर अली शाह ने कहा कि यह मुद्दा देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और इसे बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है.
चिनाब नदी के जल प्रवाह पर उठाए सवाल
इस्लामाबाद में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए मेहर अली शाह ने कहा कि अप्रैल 2025 से चिनाब नदी के जल प्रवाह में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. उनके अनुसार, पाकिस्तान ने इस संबंध में भारत को चार बार पत्र भेजकर जानकारी मांगी, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला.
उन्होंने कहा कि नदी के बहाव में अचानक होने वाले बदलाव के कारणों और संबंधित परियोजनाओं की जानकारी साझा की जानी चाहिए. उनके मुताबिक, भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलना पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय है.
डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों की सुरक्षा का हवाला
मेहर अली शाह ने कहा कि किसी भी नदी के निचले हिस्से में रहने वाली आबादी की सुरक्षा के लिहाज से जल प्रवाह में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उनका कहना था कि ऐसे मामलों की निगरानी और समाधान के लिए ही सिंधु जल आयोग का गठन किया गया था.
उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत द्वारा संधि को स्थगित रखने के बावजूद पाकिस्तान ने पिछले वर्ष तक सिंधु जल संधि के तहत डेटा साझा करने की व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिश की.
भारत से तीन प्रमुख मांगें
पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि अगस्त 2023 के बाद से दोनों देशों के अधिकारियों के बीच न तो कोई निरीक्षण दौरा हुआ है और न ही नियमित मासिक जल संबंधी आंकड़ों का आदान-प्रदान हुआ है. उनके अनुसार, इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है.
इस मुद्दे पर पाकिस्तान ने भारत के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
जल नियंत्रण को लेकर जताई चिंता
पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया है कि मराला बैराज से जुड़े निचले मार्गों को भारत फिर से सक्रिय कर रहा है, जिससे भविष्य में जल प्रवाह को नियंत्रित करने की उसकी क्षमता बढ़ सकती है. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि इससे चिनाब नदी के पानी के प्रवाह पर भारत का प्रभाव बढ़ सकता है.
इसके अलावा पाकिस्तान ने चिनाब-ब्यास लिंक परियोजना को लेकर भी चिंता जताई है. उसके अनुसार, इस परियोजना के जरिए भारत चिनाब नदी के लगभग 19 लाख एकड़ फीट पानी को दूसरी दिशा में मोड़ने की क्षमता विकसित कर सकता है.
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