पुरानी आदत से मजबूर पाकिस्तान...अफगानिस्तान में 9 बच्चों समेत 10 की मौत पर बोल रहा झूठ

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. सीमा पार से आने वाली हवा में इस बार बारूद की बू भी है और झूठ की भी. अफगान नागरिकों पर हुए ताज़ा हमले ने न सिर्फ हालात को और भयावह बनाया है बल्कि पाकिस्तान की सेना के पुराने ढर्रे को फिर उजागर कर दिया है—पहले हमला, फिर इनकार, और अंत में झूठे दावे.

Pakistan airstrikes on afghanistan now deniying 10 killed
Image Source: Social Media

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. सीमा पार से आने वाली हवा में इस बार बारूद की बू भी है और झूठ की भी. अफगान नागरिकों पर हुए ताज़ा हमले ने न सिर्फ हालात को और भयावह बनाया है बल्कि पाकिस्तान की सेना के पुराने ढर्रे को फिर उजागर कर दिया है. पहले हमला, फिर इनकार, और अंत में झूठे दावे.


अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए पाकिस्तानी सेना ने भारी बमबारी की, जिसमें 10 निर्दोष लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में 9 छोटे बच्चे शामिल हैं, जिनकी उम्र 10 साल से भी कम बताई जा रही है. इस हमले में किसी भी तरह का सैन्य लक्ष्य नहीं था, जिससे साफ लगता है कि निशाना सीधे आम लोग थे.जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी नागरिक मौतों के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर होने वाली आलोचना से बचने के लिए पाकिस्तानी सेना अब जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है.

पाकिस्तान का इनकार: “हमने कोई हमला नहीं किया”

हमले के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने मीडिया के सामने बयान दिया कि उनकी सेना ने अफगानिस्तान में कोई हवाई हमला नहीं किया है. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान हमेशा किसी भी सैन्य कार्रवाई की घोषणा आधिकारिक रूप से करता है. चौधरी ने आगे कहा कि उनके लिए “अच्छा या बुरा तालिबान जैसी कोई अवधारणा नहीं है”—एक ऐसा बयान जिसने इस हमले पर उठते सवालों को और गहरा कर दिया.

पाकिस्तान के झूठ की पुरानी कहानी

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया हो. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पाकिस्तान ने कई बार ऐसे ही बयान जारी किए थे. 8 मई को पंजाब में हमलावर पाकिस्तानी ड्रोन गिरने से एक भारतीय नागरिक की मौत हुई, लेकिन तब भी अहमद शरीफ चौधरी ने झूठा दावा किया कि ये हमला पाकिस्तान ने नहीं, बल्कि भारत ने खुद किया है. आज के बयान में भी वही पैटर्न साफ दिखाई देता है. हमला करना, जिम्मेदारी से पलटना और दुनिया को गुमराह करने की कोशिश करना.

दो महीने में तीसरा हमला, 71 मौतें

अफगानिस्तान के अनुसार, पाकिस्तानी सेना द्वारा यह सिर्फ एक ताज़ा हमला है. पिछले दो महीनों में पाकिस्तान तीन बड़े हवाई हमले कर चुका है, जिनमें अब तक 71 अफगान नागरिकों की जान जा चुकी है.दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान जिन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा करता है, अब तक उन हमलों में किसी भी बड़े TTP कमांडर की मौत नहीं हुई है.पिछले हमले में जहां क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ियों की जान चली गई थी, वहीं इस बार 9 मासूम बच्चे और 1 बुजुर्ग महिला इसका शिकार बने हैं.

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