'कुत्तों से भी बदतर...' औवेसी ने आतंकवादियों की सख्त लहजे में की निंदा

Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आतंकियों को करार जवाब देने की बात करते हुए कहा कि "हमले में शामिल दरिंदों को सज़ा मिलनी चाहिए,

Pahalgam Attack Asaduddin owaisi react they would reach Srinagar
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Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आतंकियों को करार जवाब देने की बात करते हुए कहा कि "हमले में शामिल दरिंदों को सज़ा मिलनी चाहिए, और जो इनके पीछे हैं उन्हें भी सबक सिखाना होगा." यह बयान उन्होंने हैदराबाद में सर्वदलीय बैठक से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान दिया.

आतंकवादियों का मजहब नहीं होता

ओवैसी ने साफ कहा कि धर्म के नाम पर हत्या करना न केवल अमानवीय है बल्कि इस्लाम और इंसानियत दोनों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि "किसी का नाम पूछकर गोली मारना सरासर जुर्म है. लेकिन इस घटना के बाद पूरे समुदाय को दोष देना भी उतना ही गलत है. आतंकियों का कोई मजहब नहीं होता. वे सिर्फ़ आतंकवादी हैं, इंसान नहीं." उन्होंने आतंकवादियों को सख्त शब्दों में निंदा करते हुए कहा, "ये लोग कुत्तों से भी बदतर हैं. ये ISIS जैसी सोच वाले हैं जो पूरे समाज को बांटना चाहते हैं."

पाकिस्तान को खुशी मिलती है 

ओवैसी ने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर भी नाराज़गी जताई, जिनमें यह दावा किया गया था कि किसी व्यक्ति को "कलमा पढ़ने" के कारण छोड़ दिया गया. उन्होंने इन रिपोर्ट्स को "गुमराह करने वाला नैरेटिव" करार देते हुए कहा "ऐसी हेडलाइंस पाकिस्तान में बैठे दुश्मनों को खुश करती हैं. ये अफ़सोस की बात है कि हम खुद ही देश के भीतर नफ़रत फैलाने का ज़रिया बनते जा रहे हैं."

कश्मीरी मुसलमान सबसे ज़्यादा आतंक का शिकार

ओवैसी ने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार खुद कश्मीरी मुसलमान रहे हैं. उन्होंने कहा कि आतंकी हमलों में सबसे ज्यादा जानें उन्हीं की गई हैं, जिन्हें अक्सर साइडलाइन कर दिया जाता है. ओवैसी ने बताया कि 25 अप्रैल को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में हैदराबाद में एक कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा. "यह मार्च न सिर्फ मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए है, बल्कि उन ताकतों को जवाब देने के लिए भी है जो देश में हिंदू-मुसलमान के बीच खाई पैदा करना चाहते हैं."
 

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