इस साल 3000 से ज्यादा आतंकी हमले, 819 लोगों की मौत... पाकिस्तानी सेना ने खुद कबूला सच, जानें क्या बताया

पाकिस्तान में आतंकवाद लगातार बड़ी चुनौती बना हुआ है. अब इस बात को लेकर खुद पाकिस्तानी सेना ने भी चिंता जताई है. सेना के मुताबिक, साल 2026 के पहले सात महीनों में देशभर में 3,145 आतंकवादी हमले दर्ज किए गए.

Over 3000 terror attacks and 819 deaths this year the Pakistan Army itself has admitted
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान में आतंकवाद लगातार बड़ी चुनौती बना हुआ है. अब इस बात को लेकर खुद पाकिस्तानी सेना ने भी चिंता जताई है. सेना के मुताबिक, साल 2026 के पहले सात महीनों में देशभर में 3,145 आतंकवादी हमले दर्ज किए गए. इन हमलों में सैकड़ों सुरक्षाकर्मी और आम नागरिकों की जान गई, जबकि बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने का भी दावा किया गया है.

पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (ISPR) के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि इस साल अब तक 3,145 आतंकी घटनाएं दर्ज की गई हैं. इनमें सबसे ज्यादा 1,971 हमले खैबर पख्तूनख्वा में हुए. इसके अलावा बलूचिस्तान में 1,148 और देश के दूसरे हिस्सों में 26 घटनाएं सामने आईं. सेना के अनुसार, इस दौरान 28 आत्मघाती हमले भी हुए.

अफगानिस्तान पर लगाया आरोप

इन हमलों को लेकर पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफगानिस्तान का नाम लिया है. सेना के प्रवक्ता का दावा है कि कई हमलों में अफगान नागरिक शामिल थे. उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले और कराची में हाल में हुए कुछ हमलों के तार भी अफगान नागरिकों से जुड़े मिले हैं. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में अफगान सुरक्षा बलों से जुड़े लोगों की भी भूमिका रही है.

आतंकवादी घटनाओं में 819 लोगों की मौत

पाकिस्तानी सेना के अनुसार, साल 2026 में अब तक आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में कुल 819 लोगों की मौत हुई है. यानी औसतन हर दिन चार लोगों ने अपनी जान गंवाई. मरने वालों में 303 सैनिक, 194 पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तथा 322 आम नागरिक शामिल हैं.

हजारों आतंकियों के मारे जाने का दावा

सेना ने यह भी दावा किया कि इस साल सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 2,084 आतंकवादी मारे गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बल लगातार आतंकवाद के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और कई बड़े ऑपरेशन किए गए हैं.

सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सेना का दावा

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि पहले आतंकी हमलों में सुरक्षाकर्मियों और आम लोगों की मौत आतंकियों से ज्यादा होती थी, लेकिन अब स्थिति में बदलाव आया है. उनके अनुसार, साल 2024 के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई और तेज हुई है. सेना का दावा है कि 2025 में हर एक शहीद जवान के बदले कम से कम दो आतंकवादी मारे गए, जबकि 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर करीब ढाई आतंकवादी प्रति जवान तक पहुंच गया है.

हालांकि, पाकिस्तान में लगातार बढ़ रहे आतंकी हमले यह दिखाते हैं कि देश अभी भी आतंकवाद की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है. खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में सुरक्षा हालात अब भी चिंता का विषय बने हुए हैं.

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