6-7 मई की रात भारतीय सेना ने वह कर दिखाया जो पूरी दुनिया के लिए एक स्पष्ट संदेश बन गया. 'ऑपरेशन सिंदूर', भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा अंजाम दिया गया एक सर्जिकल मिशन था, जिसने यह जता दिया कि अब भारत सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं करता, बल्कि निर्णायक जवाब देने की क्षमता भी रखता है.
इस ऑपरेशन के संदर्भ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार, 19 सितंबर को कहा कि “भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि हम किसी भी चुनौती का सामना न केवल साहस से कर सकते हैं, बल्कि उसका ऐसा प्रतिकार कर सकते हैं, जिसे इतिहास याद रखे.”
22 अप्रैल: जब पहलगाम में छलनी हो गई इंसानियत
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल को हुई उस दर्दनाक आतंकी घटना से जुड़ी है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में 26 निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया गया. इस वीभत्स हमले ने देशभर को झकझोर कर रख दिया था. हमले के बाद भारत सरकार ने कठोर कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ सभी कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध तोड़ दिए. इतना ही नहीं, भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को मिलने वाले पानी को भी रोकने का फैसला लिया.
'ऑपरेशन सिंदूर' की रणनीति और सफलता
भारत ने 6-7 मई की रात को आतंकियों के खिलाफ एक व्यापक और गुप्त रणनीति के तहत 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया. यह अभियान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में छिपे आतंकियों के खिलाफ था, जहां भारतीय विशेष बलों ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की. इस मिशन में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया, जो भारत में बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे. इस ऑपरेशन की खासियत रही भारतीय सेना का अद्वितीय समन्वय, साहस और समयबद्ध निर्णय क्षमता, जिसने मिशन को सफल बनाया.
भारत की नीति: शांति की चाह, लेकिन कमजोर नहीं
राजनाथ सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह कमजोर है. उन्होंने कहा, "हमने बार-बार यह दिखाया है कि जब बात देश की सुरक्षा और स्वाभिमान की आती है, तो भारत किसी भी हद तक जा सकता है. अब जीत अपवाद नहीं, भारत की पहचान बन चुकी है."
नया भारत, नई नीति
'ऑपरेशन सिंदूर' ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि नया भारत अब सिर्फ सहने वाला नहीं, बल्कि अपने हर नागरिक की सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने वाला राष्ट्र बन चुका है. यह अभियान न केवल आतंक के खिलाफ कार्रवाई था, बल्कि यह एक कड़ा संदेश भी था – कि भारत अब अपनी सुरक्षा नीति में बदलाव ला चुका है, और अब हर हमला अपने साथ एक जवाब लेकर आएगा.
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