ब्रह्मोस के खौफ से अभी भी कांप रहा पाकिस्तान, बचने के लिए किया ये चीनी उपाय, जानें खासियत

Pak China LD 2000: पाकिस्तानी वायु सेना ने अपने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम में चीन के LD-2000 क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS) को शामिल किया है. इसे एयरबेस और दूसरे अहम सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है.

Operation Sindoor brahmos Pakistan deploys China formidable LD-2000 to protect airbase
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Pak China LD 2000: पाकिस्तानी वायु सेना ने अपने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम में चीन के LD-2000 क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS) को शामिल किया है. इसे एयरबेस और दूसरे अहम सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है. मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई एयरबेस को निशाना बनाए जाने के बाद इस तरह की एयर डिफेंस क्षमता पर उसका फोकस बढ़ा है.

पाकिस्तान एयरफोर्स के इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी एक तस्वीर में दिखाई देने वाला सिस्टम चीन के Type 730 नौसैनिक सिस्टम से मिलता-जुलता नजर आता है. Type 730 में सात बैरल वाली 30mm गैटलिंग गन का इस्तेमाल होता है. इसका जमीन पर इस्तेमाल होने वाला मोबाइल वर्जन LD-2000 के नाम से जाना जाता है.

इस सिस्टम की संभावित तैनाती से पाकिस्तान के सैन्य आधुनिकीकरण में चीन की भूमिका का भी पता चलता है. खास तौर पर ड्रोन जैसे कम लागत वाले हवाई खतरों से निपटने पर पाकिस्तान का ध्यान बढ़ता दिखाई दे रहा है. हाल के वर्षों में यूक्रेन और मध्य पूर्व के संघर्षों में ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ है.

5600 राउंड प्रति मिनट की फायरिंग क्षमता

चीनी LD-2000 की फायरिंग क्षमता करीब 5600 राउंड प्रति मिनट बताई जाती है. इसे कम ऊंचाई पर उड़ने वाले खतरों को रोकने के लिए बनाया गया है. इनमें ड्रोन, लॉइटरिंग म्यूनिशन और कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज मिसाइलें शामिल हैं.

ऐसे खतरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बहुत कम समय मिलता है. इसलिए तेज फायरिंग और कम प्रतिक्रिया समय वाला सिस्टम एयरबेस की सुरक्षा में उपयोगी हो सकता है. पाकिस्तानी वायु सेना ने अभी तक LD-2000 को शामिल करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. हालांकि, आधिकारिक तस्वीरों में इसके नजर आने के बाद इसकी संभावित तैनाती को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इसके साथ ही LD-3000 की संभावित खरीद को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं.

एयरबेस की सुरक्षा पर पाकिस्तान का फोकस

LD-2000 जैसे सिस्टम की मौजूदगी से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान अपने एयरबेस और दूसरे अहम सैन्य ठिकानों की सुरक्षा मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई एयरबेस को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई थीं.

भारत ने उस कार्रवाई में मिसाइलों का इस्तेमाल किया था. अब पाकिस्तान के लिए ड्रोन और दूसरे कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों से बचाव भी एक अहम जरूरत बन गया है. ऐसे में एयरबेस के आसपास क्लोज-इन एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करना उसकी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है.

चीनी LD-2000 की खासियत

LD-2000 को लंबी दूरी की एयर डिफेंस मिसाइलों की जगह नजदीक आने वाले छोटे हवाई खतरों से निपटने के लिए तैयार किया गया है. इसमें सात बैरल वाली 30mm गैटलिंग गन लगी होती है, जो बहुत तेज रफ्तार से गोलियां चला सकती है.

इसकी प्रतिक्रिया का समय कुछ सेकंड बताया जाता है. ऐसे में कम ऊंचाई पर तेजी से आने वाले ड्रोन या दूसरे हवाई खतरों के खिलाफ यह तेजी से कार्रवाई कर सकता है. सिस्टम को मोबाइल प्लेटफॉर्म पर रखा गया है, जिससे जरूरत के मुताबिक इसे दूसरी जगह भी ले जाया जा सकता है.

पाकिस्तान की ओर से इसकी आधिकारिक तैनाती की पुष्टि का इंतजार है, लेकिन तस्वीरों में सिस्टम के दिखाई देने से उसकी एयरबेस सुरक्षा रणनीति में बदलाव के संकेत जरूर मिलते हैं.

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