सावधान! पुरानी UPI ID कर सकती है कंगाल, भूलकर भी न करें ये गलती, वरना खाली हो जाएगा अकाउंट

Old UPI ID Risk: भारत में डिजिटल पेमेंट का दौर अब जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. सब्जी खरीदने से लेकर बड़े-बड़े शोरूम में शॉपिंग तक, हर जगह लोग UPI के जरिए चुटकियों में भुगतान कर रहे हैं.

Old UPI ID Mistakes Can Empty Bank Accounts
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Old UPI ID Risk: भारत में डिजिटल पेमेंट का दौर अब जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. सब्जी खरीदने से लेकर बड़े-बड़े शोरूम में शॉपिंग तक, हर जगह लोग UPI के जरिए चुटकियों में भुगतान कर रहे हैं. आसान और तेज ट्रांजेक्शन की वजह से करोड़ों लोग PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इसी सुविधा के बीच एक ऐसी लापरवाही भी तेजी से बढ़ रही है, जो लोगों के बैंक अकाउंट को खतरे में डाल सकती है. अक्सर लोग नया फोन लेने या नई UPI ID बनाने के बाद पुरानी ID को बंद करना जरूरी नहीं समझते और यही गलती साइबर फ्रॉड का रास्ता खोल देती है.

सिर्फ ऐप डिलीट करने से बंद नहीं होती UPI ID

बहुत से यूजर्स को लगता है कि अगर उन्होंने मोबाइल से पेमेंट ऐप हटा दिया तो उनकी UPI ID भी अपने आप बंद हो जाएगी. जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. ऐप अनइंस्टॉल करने के बाद भी उससे जुड़ी UPI ID, बैंक अकाउंट लिंक, UPI Lite और ऑटो-पे जैसी सेवाएं एक्टिव बनी रहती हैं. यही वजह है कि पुरानी ID लंबे समय तक सिस्टम में चालू रहती है और इसका गलत इस्तेमाल होने का खतरा बढ़ जाता है.

कई लोग फोन बदलने के बाद नई ऐप डाउनलोड कर लेते हैं और नई ID से पेमेंट शुरू कर देते हैं, लेकिन पुरानी ID को डिएक्टिवेट करना भूल जाते हैं. यह छोटी सी चूक बाद में बड़ा नुकसान बन सकती है.

इनएक्टिव मोबाइल नंबर बन सकता है सबसे बड़ा खतरा

अगर आपकी पुरानी UPI ID ऐसे मोबाइल नंबर से जुड़ी है जिसे आप इस्तेमाल नहीं कर रहे, तो परेशानी और बढ़ सकती है. टेलीकॉम कंपनियां लंबे समय तक बंद पड़े नंबरों को दूसरे यूजर्स को जारी कर देती हैं. ऐसे में आपकी पुरानी UPI ID से जुड़े नोटिफिकेशन और अलर्ट किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंचने लगते हैं.

सबसे खतरनाक स्थिति तब बनती है जब यह नंबर किसी साइबर ठग के हाथ लग जाए. स्कैमर्स सिम-स्वैप या दूसरी तकनीकों के जरिए आपके बैंक अकाउंट तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं. अगर उन्हें एक्सेस मिल गया तो कुछ ही मिनटों में अकाउंट खाली होने का खतरा पैदा हो सकता है.

UPI इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

डिजिटल पेमेंट जितना आसान है, उतना ही सतर्क रहना भी जरूरी है. अगर आप फोन बदल रहे हैं या पेमेंट ऐप हटाने जा रहे हैं, तो सबसे पहले पुरानी UPI ID को डिलीट करें. इसके साथ बैंक अकाउंट को डी-लिंक करना और ऑटो-पे मैंडेट बंद करना भी जरूरी है.

अगर आपने मोबाइल नंबर बदल लिया है तो तुरंत बैंक में नया नंबर अपडेट करवाएं. इससे पुरानी जानकारी का गलत इस्तेमाल नहीं हो पाएगा. वहीं, अगर आपको याद नहीं कि आपके नंबर से कितनी UPI IDs लिंक हैं, तो NPCI की वेबसाइट या बैंकिंग ऐप के जरिए उन्हें चेक किया जा सकता है.

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