नाइजीरिया के सेंट मैरी स्कूल से 303 बच्चे और 12 शिक्षक अगवा, पूरे देश में फैल गई दहशत

नाइजीरिया एक बार फिर बड़े पैमाने पर अपहरण की दिल दहला देने वाली घटना से हिल गया है. जिस देश में स्कूलों पर हमले बीते कई सालों से एक गंभीर चुनौती बने हुए हैं, वहीं अब नाइजर प्रांत का ताज़ा मामला पूरे अफ्रीका में नई चिंता पैदा कर रहा है.

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नाइजीरिया एक बार फिर बड़े पैमाने पर अपहरण की दिल दहला देने वाली घटना से हिल गया है. जिस देश में स्कूलों पर हमले बीते कई सालों से एक गंभीर चुनौती बने हुए हैं, वहीं अब नाइजर प्रांत का ताज़ा मामला पूरे अफ्रीका में नई चिंता पैदा कर रहा है. शनिवार को सामने आई इस घटना ने सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय सभी को चौंका दिया है.

क्रिश्चियन एसोसिएशन ऑफ नाइजीरिया के अनुसार, नाइजर प्रांत के सेंट मैरी स्कूल पर सशस्त्र बंदूकधारियों ने अचानक हमला बोल दिया. हमलावरों ने परिसर को घेरते ही 303 बच्चों और 12 शिक्षकों को जबरन किडनैप कर लिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा नहीं किया है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और अपहृत लोगों की खोज के लिए सुरक्षा बलों को सक्रिय कर दिया गया है.

चार दिन में दूसरा बड़ा अपहरण: क्या स्कूल फिर निशाने पर?

यह ताजा हमला तब हुआ है जब सिर्फ चार दिन पहले केब्बी प्रांत के मागा शहर में 25 स्कूली बच्चों का अपहरण किया गया था. लगातार हो रही इन घटनाओं ने संकेत दे दिया है कि स्कूल फिर से हथियारबंद गिरोहों के मुख्य निशाने पर आ गए हैं. यह पैटर्न नाइजीरिया के उत्तरी व मध्य इलाकों में बढ़ते असुरक्षा संकट की ओर इशारा करता है.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के अमेरिका दौरे के बीच बड़ा हमला

घटना का समय भी कई सवाल खड़े करता है. नाइजीरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नूह रिबादू इस समय अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वह सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद-रोधी उपायों पर चर्चा कर रहे हैं. उनकी अनुपस्थिति में इस स्तर का अपहरण होना देश की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.

देश में चिंता, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें घटना पर

नाइजीरिया लंबे समय से सशस्त्र गिरोहों, फिरौतीखोर अपहरणकर्ताओं और आतंकवादी समूहों की गतिविधियों से जूझ रहा है. इस घटना ने फिर साबित किया है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा कितनी कमजोर है. परिवारों में दहशत है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस बड़े अपहरण पर नज़र बनाए हुए है.

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