राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है. फरीदाबाद में 2900 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है, जिसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है. यह बरामदगी पहले से गिरफ्तार आरोपी डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई की निशानदेही पर हुई, जिसने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए. अब इस मामले में पुलिस ने डॉ. शाहीन शाहिद नाम की एक महिला डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया है, जिसकी कार से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ था.
जांच के दौरान पता चला कि मुजम्मिल अहमद गनाई और शाहीन शाहिद एक-दूसरे के संपर्क में थे. मुजम्मिल की जानकारी के आधार पर फरीदाबाद के फतेहपुर तागा गांव में छापा मारकर पुलिस ने 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ बरामद किया. शुरुआती जांच में यह सामग्री अमोनियम नाइट्रेट जैसी पाई गई, जिसका उपयोग कई बार ब्लास्ट में किया जाता है. यह विस्फोटक जिस घर में मिला, वह हाफिज इश्तियाक नाम के व्यक्ति का था, जो धौज गांव की मस्जिद में मौलाना है. फिलहाल पुलिस ने हाफिज इश्तियाक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
डॉक्टर शाहीन की गिरफ्तारी
फरीदाबाद से मिली स्विफ्ट कार, जो विस्फोटक सामग्री रखने में इस्तेमाल हुई थी, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत डॉक्टर शाहीन शाहिद के नाम पर पंजीकृत थी. शाहीन मूल रूप से लखनऊ के लालबाग इलाके की रहने वाली हैं और विश्वविद्यालय में मेडिकल विभाग से जुड़ी थीं. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर श्रीनगर लाकर पूछताछ शुरू की है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शाहीन और मुजम्मिल के बीच कब से संपर्क था और कार का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों में कब से हो रहा था.
मुजम्मिल की गिरफ्तारी से खुली साजिश की परतें
डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई पिछले तीन साल से फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में जनरल फिजिशियन के पद पर कार्यरत था और यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर स्थित डॉक्टर्स क्वार्टर्स में रहता था. कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया था. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने धौज गांव के एक घर से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, 20 टाइमर, 20 बैटरियां, घड़ियां, और कई रासायनिक पदार्थ बरामद किए. ये सभी सामान विस्फोटक बनाने में उपयोग किए जा सकते थे. यह घर यूनिवर्सिटी कैंपस से मात्र 500 मीटर की दूरी पर था.
कार से मिला हथियारों का जखीरा
डॉ. मुजम्मिल के कब्जे से बरामद स्विफ्ट कार ने इस केस की दिशा बदल दी. इस कार में पुलिस को एक असॉल्ट राइफल, 83 जिंदा गोलियां, दो मैगजीन, एक पिस्टल, जिंदा कारतूस, दो खाली खोखे, और पिस्टल की एक अतिरिक्त मैगजीन मिली. अब जांच टीमें यह पता लगा रही हैं कि ये हथियार कहां से आए और इन्हें किस उद्देश्य से इकट्ठा किया गया था.
पुलिस की जांच और संभावित नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को शक है कि मुजम्मिल किसी आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था, जो दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में था. एजेंसियां अब शाहीन के डिजिटल उपकरणों, मोबाइल रिकॉर्ड्स और बैंकिंग ट्रांजेक्शंस की जांच कर रही हैं ताकि दोनों के बीच आर्थिक या वैचारिक संबंधों का पता लगाया जा सके.
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस मामले के सामने आने के बाद एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमें भी जांच में शामिल हो गई हैं. सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि लाल किले के पास हुआ ब्लास्ट और फरीदाबाद में बरामद विस्फोटक एक ही साजिश का हिस्सा तो नहीं.
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