फरीदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तेवर साफ बता रहा था कि दिल्ली में हुए हालिया विस्फोट को लेकर केंद्र सरकार बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है. उन्होंने मंच से दोहराया कि भारत अब आतंकवाद को सिर्फ एक सुरक्षा चुनौती के रूप में नहीं देखता, बल्कि इसे पूरी तरह मिटाने की दिशा में दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ रहा है. दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए धमाके में 15 लोगों की मौत के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है, और इस घटना को सरकार ने “जघन्य आतंकवादी हमला” घोषित कर दिया है.
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार इस हमले के जिम्मेदार लोगों को पाताल की गहराइयों से भी खोज निकालने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस आतंकी घटना को अंजाम देने वालों को ऐसी सजा मिलेगी, जिससे दुनिया देखेगी कि भारत में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है.एनआईए ने इस हमले की जांच में तेजी दिखाते हुए एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी अब तक 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है और कई तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी है.
“आतंकवाद खत्म करना हमारा सामूहिक संकल्प”
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक में गृह मंत्री ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आतंकवाद की जड़ों को काटने के लिए एकजुट होकर काम कर रहा है. बैठक की शुरुआत लाल किले के पास हुए धमाके और जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में हुए विस्फोट के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देकर हुई, जिसके बाद दो मिनट का मौन रखा गया. अमित शाह ने कहा कि भारत सिर्फ प्रतिक्रिया देने वाला राष्ट्र नहीं है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने वाला राष्ट्र है.
क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका पर अमित शाह का जोर
फरीदाबाद के कार्यक्रम में गृह मंत्री ने क्षेत्रीय परिषदों की अहमियत पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी “मजबूत राज्य—मजबूत राष्ट्र” की सोच रखते हैं, और इसे साकार करने में क्षेत्रीय परिषदें एक प्रभावी मंच साबित हो रही हैं. शाह ने कहा कि इन परिषदों ने कई जटिल मुद्दों का समाधान आसान किया है, हालांकि कुछ चुनौतियां अब भी बाकी हैं—जैसे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में तेज़ न्याय, कुपोषण और समाज की मूलभूत समस्याओं को दूर करना. उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि इन मुद्दों पर और तेज गति से काम किया जाए ताकि भारत एक सुरक्षित और विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ सके.
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