नेतन्याहू ने ‘Hexagon Alliance’ का किया ऐलान, पीएम मोदी के दौरे से पहले भारत को दी अहम भूमिका

Modi Israel visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिवसीय इजरायल दौरे पर रवाना होने वाले हैं. यह यात्रा कई मायनों में अहम मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते रणनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे हैं.

Netanyahu announced Hexagon Alliance gave important role to India before PM Modi visit
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Modi Israel visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिवसीय इजरायल दौरे पर रवाना होने वाले हैं. यह यात्रा कई मायनों में अहम मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते रणनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे हैं. इस दौरे से ठीक पहले इजरायल की ओर से एक नए क्षेत्रीय गठबंधन का प्रस्ताव सामने आया है, जिसने वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज कर दी है.

इजरायल ने रखा ‘हेक्सागन गठबंधन’ का प्रस्ताव

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में एक नए बहुपक्षीय गठबंधन का खाका पेश किया है, जिसे ‘हेक्सागन गठबंधन’ कहा जा रहा है. उनका मानना है कि मिडिल ईस्ट और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती कट्टरपंथी ताकतों से निपटने के लिए इस तरह का साझा मंच बेहद जरूरी है.

नेतन्याहू के अनुसार, इस गठबंधन के मुख्य साझेदारों में भारत, इजरायल, ग्रीस और साइप्रस शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा कई अरब, अफ्रीकी और एशियाई देशों को भी इस पहल का हिस्सा बनाने की योजना है. उन्होंने संकेत दिया कि यह गठबंधन केवल कागजी नहीं होगा, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से मजबूत रणनीतिक ढांचे में बदला जाएगा.

पीएम मोदी का दौरा क्यों है खास

प्रधानमंत्री मोदी का यह इजरायल दौरा उनकी दूसरी आधिकारिक यात्रा होगी. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी. साथ ही वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी दोनों नेता अपने विचार साझा करेंगे.

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और पूरे मिडिल ईस्ट में नए गठबंधनों की हलचल तेज हो गई है. ऐसे में भारत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.

गठबंधन का उद्देश्य और रणनीति

नेतन्याहू ने इस प्रस्ताव को केवल एक राजनीतिक पहल नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक फ्रेमवर्क बताया है. उनका कहना है कि इस गठबंधन का मकसद उन देशों को एक मंच पर लाना है, जिनकी सोच और सुरक्षा चुनौतियां समान हैं.

इस पहल के तहत सुरक्षा सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करना और रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा. नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि यह गठबंधन कट्टरपंथी ताकतों, चाहे वे किसी भी विचारधारा से जुड़ी हों, के खिलाफ संतुलन बनाने की दिशा में काम करेगा.

क्षेत्रीय समीकरणों में बदलाव की पृष्ठभूमि

पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में नए गठबंधनों की चर्चा तेज है. भारत, यूएई और इजरायल के बीच सहयोग पहले से मजबूत है और I2U2 जैसे समूह इसका उदाहरण हैं. अब हेक्सागन गठबंधन का प्रस्ताव इन प्रयासों को और व्यापक रूप देने की दिशा में देखा जा रहा है.

इसके साथ ही सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा सहयोग समझौते ने भी क्षेत्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा की है. कई विश्लेषक इसे एक संभावित ‘इस्लामिक नाटो’ के रूप में देख रहे हैं, जिसके जवाब में इजरायल की यह पहल सामने आई है.

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