'नेतन्याहू और MBZ ने रची साजिश', फ्लाईदुबई घटना पर ईरान का बड़ा दावा, हमला या फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई घटना को लेकर ईरान ने बड़ा दावा किया है. ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने इस घटना को इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की कथित मिलीभगत बताया है.

Netanyahu and MBZ hatched a plot Iran makes claim regarding the Flydubai incident
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तेहरान: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई घटना को लेकर ईरान ने बड़ा दावा किया है. ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने इस घटना को इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की कथित मिलीभगत बताया है. रिपोर्ट में इसे 'फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन' बताते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान (MBZ) पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया है.

ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस कथित साजिश का मकसद नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति मजबूत करना और ईरान के साथ दोबारा टकराव के लिए माहौल बनाना था. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और फ्लाईदुबई की घटना को लेकर कई देशों की जांच जारी है.

फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन का मतलब ऐसी घटना से है, जिसे किसी दूसरे पक्ष की कार्रवाई के रूप में पेश किया जाए, ताकि उस पर आरोप लगाया जा सके या उसके खिलाफ कार्रवाई को सही ठहराया जा सके. प्रेस टीवी ने अपने दावे में फ्लाईदुबई की घटना को इसी तरह की योजना बताया है.

फ्लाईदुबई फ्लाइट में क्या हुआ था?

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर उनके को-पायलट ने हमला किया. घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आया और हालात काफी गंभीर हो गए. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की. विमान की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.

इस घटना में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हुए. विमान में 174 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे. घटना के बाद सऊदी अरब, UAE और इजरायल की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं. UAE की जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के पीछे किसी आतंकी गतिविधि, पहले से बनाई गई योजना या किसी और मकसद का हाथ था या नहीं.

नेतन्याहू-MBZ की सीक्रेट मुलाकात का दावा

ईरानी मीडिया ने इस घटना को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की UAE यात्रा से भी जोड़ने की कोशिश की है. रिपोर्ट में दावा किया गया कि फ्लाईदुबई घटना से एक दिन पहले नेतन्याहू ने अबू धाबी का दौरा किया और UAE के राष्ट्रपति MBZ से मुलाकात की.

ईरानी मीडिया ने इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर आरोप लगाया कि दोनों नेताओं के बीच हुई कथित मुलाकात का संबंध फ्लाईदुबई घटना से हो सकता है. ईरान ने इसे दोबारा क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर पेश किया है. हालांकि, इस कथित कनेक्शन का कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है.

ईरान को घेरने का बताया प्लान

प्रेस टीवी की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कथित योजना के तहत इजरायल जा रही फ्लाइट में ऐसी घटना कराई जाती, जिसे आतंकवादी हमला बताया जा सके और फिर उसका संबंध ईरान से जोड़ने की कोशिश होती.

रिपोर्ट के मुताबिक, इसका इस्तेमाल नेतन्याहू की स्थिति मजबूत करने और ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई के लिए समर्थन जुटाने के लिए किया जा सकता था. हालांकि, ये सभी बातें ईरानी मीडिया के आरोप हैं और जांच एजेंसियों की ओर से इस तरह की किसी साजिश की पुष्टि नहीं की गई है.

घटना के बाद नेतन्याहू और इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इसे गंभीर सुरक्षा घटना बताया. नेतन्याहू ने हमले की तुलना 9/11 से भी की और को-पायलट के बारे में कहा कि उसके भीतर कट्टरपंथी विचारधारा का असर था. वहीं, ईरान की ओर से लगाए गए साजिश के आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.