नेपाल की बालेन शाह सरकार को बड़ा झटका, 26 दिन में ही गृह मंत्री ने दिया इस्तीफा, जानें वजह

नेपाल के गृहमंत्री सुधन गुरुंग ने केवल 26 दिन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. बुधवार को उन्होंने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से अपनी वित्तीय संपत्तियों को लेकर उठाई गईं चिंताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पद छोड़ने का ऐलान किया.

Nepal Home Minister Sudhan Gurung resigns Balendra Balen Shah Government
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काठमांडू: नेपाल के गृहमंत्री सुधन गुरुंग ने केवल 26 दिन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. बुधवार को उन्होंने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से अपनी वित्तीय संपत्तियों को लेकर उठाई गईं चिंताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पद छोड़ने का ऐलान किया. इस कदम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है.

दीपक भट्टा के साथ विवाद और आरोपों का साया

सुधन गुरुंग पर विवादास्पद कारोबारी दीपक भट्टा के साथ व्यापारिक रिश्तों और माइक्रो इंश्योरेंस कंपनियों में संदिग्ध निवेश के आरोप लगे थे. दीपक भट्टा पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के चलते उनके खिलाफ जांच चल रही है, और इन विवादों ने गुरुंग की छवि पर भी सवाल उठाए हैं.

भ्रष्टाचार के खिलाफ रुख

गृहमंत्री बनने के बाद सुधन गुरुंग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक कदम उठाए थे, लेकिन निजी निवेशों के कारण अब उन्हें तीव्र आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. व्यापक विरोध और सार्वजनिक दबाव के बाद उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया. फेसबुक पोस्ट में सुधन गुरुंग ने लिखा,  'मुझसे जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और पदों पर रहते हुए हितों के टकराव से बचने और जांच प्रक्रिया पर किसी भी तरह के प्रभाव से बचने के लिए मैंने गृहमंत्री के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है.'

सुधन गुरुंग ने कहा, 'मेरे लिए नैतिकता पद से ऊपर है और जनता के विश्वास से बड़ी कोई ताकत नहीं है. नेपाल में चल रहे Gen Z आंदोलन, जो सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, उसने भी यही संदेश दिया है कि सार्वजनिक जीवन स्वच्छ होना चाहिए और नेतृत्व जवाबदेह होना चाहिए. अगर कोई मेरे 46 भाई-बहनों के खून और बलिदान से गठित सरकार पर सवाल उठाता है तो उसका जवाब नैतिकता है.' उन्होंने यह भी कहा है कि वह उन पर लगे आरोपों की जांच में पूरी तरह से सहयोग करेंगे.

सुधन गुरुंग ने अपील की है कि बहुत सारी अफवाहें फैली हुई हैं इसलिए अटकलें न लगाएं. उन्होंने कहा, 'आरोप और सच्चाई एक नहीं होते हैं. सबूतों के आधार पर फैसला होना चाहिए, भावनाओं के आधार पर नहीं. मैं पार्टी की ओर से किए गए हर फैसले का समर्थन करूंगा और जांच में पूरी तरह सहयोग करूंगा.'

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