Nepal Flood: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बीच एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ गई है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में 3.2 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस प्राकृतिक आपदा के बाद भारत और नेपाल के बीच सड़क संपर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. दिल्ली-काठमांडू के बीच चलने वाली बस सेवा को अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है और 29 अगस्त की निर्धारित नेपाली बस सेवा भी फिलहाल होल्ड पर है.
इस बीच भारत ने नेपाल के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. भारत की ओर से राहत सामग्री की दूसरी खेप भी भेजी जा चुकी है, जिसमें 37.5 टन मानवीय सहायता, दवाइयां और खाद्य सामग्री शामिल है.
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप के झटके
26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई. इसके बाद 3.2 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस होने से प्रभावित इलाकों में चिंता और बढ़ गई. लगातार राहत और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बीच प्रभावित लोगों तक पहुंचने की कोशिश जारी है. आपदा का असर सड़क, पुल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर भी पड़ा है. कई इलाकों में संपर्क टूटने के कारण राहत दलों को प्रभावित लोगों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
मौतों का आंकड़ा 389 के पार
नेपाल में बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. 28 अगस्त की ताजा रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में 389 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि नेपाल और तिब्बत के प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं. चितवन में सबसे अधिक 137 शव बरामद किए गए हैं. राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी टीमों की मदद से तलाशी अभियान चला रहे हैं. कई जगह सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
दिल्ली-काठमांडू बस सेवा हुई प्रभावित
नेपाल में सड़क संपर्क बाधित होने का सीधा असर भारत-नेपाल बस सेवा पर पड़ा है. दिल्ली-काठमांडू की इंडो-नेपाल मैत्री बस सेवा को एहतियात के तौर पर 28 और 29 अगस्त के लिए रोक दिया गया है. DTC के मुताबिक नेपाल में दिल्ली-काठमांडू रूट पर राष्ट्रीय राजमार्ग का परिवहन प्रभावित हुआ है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया. ऐसे में नेपाल जाने या वहां से भारत लौटने की योजना बना रहे यात्रियों को यात्रा से पहले बस सेवा और स्थानीय प्रशासन की ताजा स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए. हालात सामान्य होने तक वैकल्पिक यात्रा योजना रखना भी बेहतर होगा.
भारत ने भेजी राहत सामग्री
नेपाल में जारी संकट के बीच भारत ने राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग बढ़ाया है. भारत ने पहले 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी थी. इसके बाद 37.5 टन की दूसरी खेप भी नेपाल भेजी गई, जिसमें दवाइयां और खाद्य सामग्री शामिल हैं. भारत ने नेपाल को भरोसा दिलाया है कि संकट की इस घड़ी में वह उसके साथ खड़ा है. राहत अभियान के तहत प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास भी जारी हैं.
विदेश मंत्रालय ने बनाया 24 घंटे का कंट्रोल रूम
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में 24 घंटे काम करने वाला विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है. यहां फोन, WhatsApp और ईमेल के जरिए संपर्क किया जा सकता है. कंट्रोल रूम के नंबर 91 11 2308 8718, 91 11 2308 8719 और 91 11 2301 2113 हैं. WhatsApp कॉल या मैसेज के लिए 91 9968291988 पर संपर्क किया जा सकता है. ईमेल के जरिए [email protected] पर जानकारी दी जा सकती है.
काठमांडू में भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन
नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिक काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क कर सकते हैं. दूतावास ने आपात स्थिति के लिए 977 985 131 6807, 977 970 910 7500 और 977 981 032 6117 नंबर जारी किए हैं. इन नंबरों पर WhatsApp के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है.
नेपाली अधिकारियों से भी ले सकते हैं मदद
आपात स्थिति में नेपाल के स्थानीय अधिकारियों से भी संपर्क किया जा सकता है. टूरिस्ट पुलिस का नंबर 977 9851289445, नेपाल आर्मी का 977 9851072914 और NDRRMA के लिए 977 9851320269 तथा 977 9849281097 नंबर जारी किए गए हैं. प्रभावित जिलों में रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन पुलिस के लिए भी अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं.
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