नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. जलप्रलय के दूसरे दिन भी प्रभावित इलाकों से लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं और मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है. नेपाल पुलिस के मुताबिक, आठ प्रभावित जिलों में राहत और तलाश अभियान जारी है. अब तक 389 शव बरामद किए जा चुके हैं. चितवन सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां अब तक सबसे अधिक शव बरामद होने की जानकारी सामने आई है. इस बीच नेपाल के सामने एक और बड़े खतरे ने चिंता बढ़ा दी है.
ल्हेंदे नदी में बनी झील से बढ़ा खतरा
चीन की ओर से जारी आधिकारिक चेतावनी के अनुसार, रसुवागढ़ी बॉर्डर से करीब 18 किलोमीटर ऊपर ल्हेंदे नदी में मलबे और पानी के जमा होने से एक खतरनाक झील जैसी स्थिति बन गई है. जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण इसके फटने का खतरा पैदा हो गया है. स्थिति को देखते हुए नेपाल के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने भोटेकोशी नदी के निचले तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है.
13 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी बचाव अभियान में जुटे
बाढ़ से प्रभावित लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि नेपाल पुलिस के 7,250, नेपाली सेना के 4,200 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 1,845 जवान राहत एवं बचाव कार्य में तैनात हैं. इस तरह कुल 13,295 सुरक्षाकर्मी प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है.
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई महिला लापता
नेपाल में आई आपदा के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय की बहू शर्मिष्ठा भौमिक रॉय के लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है. जानकारी के अनुसार, वह 21 अगस्त को एक ट्रैवल एजेंसी के 32 सदस्यीय दल के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं. परिवार के मुताबिक, उनकी पति सुभ्रांशु रॉय से आखिरी बातचीत 25 अगस्त की रात हुई थी. इसके बाद से उनका संपर्क नहीं हो पाया है और परिवार उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित है.
106 भारतीय यात्रियों की वतन वापसी शुरू
विनाशकारी बाढ़ के बीच काठमांडू में फंसे नागपुर के 106 भारतीय यात्रियों के लिए राहत की खबर सामने आई है. सभी यात्रियों की सुरक्षित भारत वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उन्हें मिनी बसों के जरिए काठमांडू से बिहार के दानापुर के लिए रवाना किया गया है. योजना के मुताबिक शुक्रवार सुबह उनके जनकपुर-बिहार बॉर्डर पहुंचने की उम्मीद है. इसके बाद विशेष ट्रेन के जरिए इन यात्रियों को नागपुर भेजे जाने की व्यवस्था की जाएगी.
नेपाल और तिब्बत में हजारों लोग लापता
आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेपाल और तिब्बत को मिलाकर बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. उपलब्ध रिपोर्टों में मृतकों और लापता लोगों के आंकड़ों में अंतर है, लेकिन नेपाल में सैकड़ों लोगों के संपर्क से बाहर होने की जानकारी सामने आई है. संकट की इस घड़ी में भारत ने भी राहत अभियान तेज कर दिया है. प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 47.5 टन राहत सामग्री पहुंचाए जाने और जरूरतमंद लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक ले जाने की जानकारी दी गई है.
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