Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए TCS महिला कर्मचारी उत्पीड़न मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. कथित यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण के दबाव और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोपों के बीच लंबे समय से फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उसे छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया, जहां वह कथित तौर पर अपनी मां, भाई और मौसी के साथ छिपकर रह रही थी. इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है और अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं.
जांच के दौरान एक नया मोड़ तब आया जब AIMIM के पार्षद मतीन पटेल का नाम भी सामने आया. पुलिस ने आरोप लगाया है कि मतीन पटेल ने फरार निदा खान को पनाह देने में मदद की थी. इसी आधार पर उन्हें मामले में सहआरोपी बनाया गया है. अब पुलिस उनके मोबाइल फोन और संपर्कों की गहराई से जांच कर रही है.
AIMIM नेता मतीन पटेल पर बढ़ी जांच
पुलिस ने AIMIM पार्षद मतीन पटेल का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है. जांच एजेंसियां अब उनके कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की विस्तार से जांच कर रही हैं. अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि फरारी के दौरान निदा खान और मतीन पटेल के बीच किसी तरह का आर्थिक लेनदेन हुआ था या नहीं.
इसके अलावा जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या निदा खान को शरण देने के दौरान मतीन पटेल ने पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता या अन्य संपर्कों से बातचीत की थी. पुलिस फिलहाल इस एंगल पर भी काम कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी को नेटवर्क स्तर पर मदद मिली थी या नहीं.
बेहद गोपनीय तरीके से चलाया गया ऑपरेशन
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को करीब दस दिन पहले सूचना मिली थी कि निदा खान छत्रपति संभाजीनगर में छिपी हुई है. इसके बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बेहद गुप्त तरीके से ऑपरेशन शुरू किया.
बताया जा रहा है कि महिला पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम लगातार छह दिनों तक इलाके में निगरानी करती रही. टीम ने बिना किसी हलचल के आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और उसके मूवमेंट की पूरी जानकारी जुटाई. पुलिस ने रणनीतिक तरीके से जाल बिछाकर आखिरकार उसे हिरासत में लेने में सफलता हासिल की.
हैदराबाद भागने की तैयारी में थी आरोपी
पुलिस सूत्रों का दावा है कि अगर निदा खान समय रहते पकड़ में नहीं आती तो वह छत्रपति संभाजीनगर से निकलकर सीधे हैदराबाद जाने की तैयारी में थी. जांच एजेंसियों का मानना है कि फरारी के अगले चरण के लिए पहले से प्लानिंग की जा चुकी थी.
हालांकि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उसकी योजना को विफल कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब मामले में कई और अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है.
महिला कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
नासिक स्थित TCS से जुड़ी कई महिला कर्मचारियों ने इस पूरे मामले में गंभीर आरोप लगाए थे. शिकायतों में कथित यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना, धार्मिक भावनाएं आहत करने और जबरन धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने जैसी बातें शामिल हैं.
इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया और राजनीतिक तथा सामाजिक हलकों में भी इस पर चर्चा तेज हो गई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच विशेष जांच दल को सौंपी गई है.
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