Nana Patekar: नाना पाटेकर का निधन हो गया है. 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हुआ. वह उन अभिनेताओं में शामिल थे, जिन्हें लोग सिर्फ पर्दे का हीरो नहीं, बल्कि असल जिंदगी का हीरो भी मानते थे. 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान नाना पाटेकर सेना के साथ बॉर्डर पर भी पहुंचे थे. इसके लिए उन्हें तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिज से खास अनुमति लेनी पड़ी थी.
नाना पाटेकर ने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ एक मेजर के तौर पर करीब 60 दिन तक सेवा दी थी. इस दौरान वह कई बार सैनिकों के साथ बॉर्डर पर गश्त के लिए भी गए. उन्होंने युद्ध से जुड़े इलाकों में रहकर सैनिकों का हौसला बढ़ाया और उनके साथ समय बिताया.
3 साल तक ली थी सेना की ट्रेनिंग
नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव काफी पुराना था. 1988 में वह टेरिटोरियल आर्मी में शामिल हुए थे और उन्हें मानद कैप्टन बनाया गया था. उन्होंने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ आर्मी की ट्रेनिंग ली. वह कमांडो ट्रेनिंग का हिस्सा भी रहे थे.
नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उस समय वीके सिंह लेफ्टिनेंट कर्नल हुआ करते थे. बाद में वीके सिंह ने 1991 में रिलीज हुई फिल्म 'प्रहार' में एक छोटी भूमिका भी निभाई थी.
कारगिल युद्ध में अधिकारियों ने कर दिया था मना
1999 में जब कारगिल युद्ध शुरू हुआ तो नाना पाटेकर ने खुद अग्रिम मोर्चे पर जाने की इच्छा जताई. हालांकि सेना के अधिकारियों को यह चिंता थी कि एक अभिनेता को युद्ध के बीच सीधे मोर्चे पर कैसे भेजा जाए. इसलिए उनकी मांग को पहले मना कर दिया गया.
इसके बाद नाना पाटेकर ने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिज से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि वह नेशनल लेवल के राइफल शूटर रह चुके हैं और मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ आर्मी की ट्रेनिंग भी ले चुके हैं. उन्होंने रक्षा मंत्री से बॉर्डर पर जाने की अनुमति मांगी.
रक्षा मंत्री की अनुमति के बाद पहुंचे बॉर्डर पर
जॉर्ज फर्नांडिज से अनुमति मिलने के बाद नाना पाटेकर सेना के साथ बॉर्डर पर पहुंचे. वह मराठा लाइट इन्फैंट्री की क्विक रिएक्शन टीम का हिस्सा रहे. इस दौरान उनकी तैनाती द्रास, सोपोर, बारामूला और लेह सेक्टर में रही.
नाना पाटेकर कई बार सैनिकों के साथ बॉर्डर पर गश्त के लिए भी गए. उन्होंने अस्पतालों में जाकर घायल जवानों से मुलाकात की और सैनिकों का हौसला बढ़ाया. करीब 60 दिनों तक सेना के साथ रहने के दौरान वह कुछ ऑपरेशन की प्लानिंग और उसे पूरा करने की प्रक्रिया का हिस्सा भी रहे.
कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में जब उनसे इस अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ऑपरेशन से जुड़ी कोई गोपनीय जानकारी बताने से इनकार कर दिया था. उन्होंने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए कहा था कि वह ऐसी बातें साझा नहीं कर सकते. नाना पाटेकर ने यह भी बताया था कि उस दौरान उनका करीब 20 किलो वजन कम हो गया था.
नाना पाटेकर करीब 25 साल तक टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े रहे. साल 2013 में उन्होंने सेना से रिटायरमेंट लिया था.