टेक दिग्गज एलन मस्क ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप xAI के जरिए एक नई डिजिटल नॉलेज लाइब्रेरी पेश की है- ‘Grokipedia’ (ग्रोकिपीडिया). यह एक AI-पावर्ड ऑनलाइन एन्साइक्लोपीडिया है, जिसे मस्क ने खुद “ट्रुथफुल, बायस-फ्री और रियल-टाइम अपडेटेड” प्लेटफॉर्म बताया है.
लॉन्च के कुछ ही घंटों में इस प्लेटफॉर्म ने जबरदस्त ट्रैफिक हासिल किया, लेकिन यूजर्स की भीड़ इतनी बढ़ गई कि वेबसाइट अस्थायी रूप से क्रैश हो गई. कुछ घंटों बाद इसे फिर से चालू कर दिया गया.
मस्क का मिशन: निष्पक्ष जानकारी तक पहुंच
एलन मस्क ने पिछले कई महीनों से विकिपीडिया पर “राजनीतिक झुकाव” और “आइडियोलॉजिकल नैरेटिव्स” के आरोप लगाए थे. उनका कहना था कि आज इंटरनेट पर मौजूद ज्ञान का बड़ा हिस्सा “बायस्ड” यानी पक्षपातपूर्ण हो चुका है.
इसी विचार से प्रेरित होकर उन्होंने ‘Grokipedia’ को एक “ट्रुथ-सीकिंग नॉलेज बेस” के रूप में विकसित किया है, एक ऐसा प्लेटफॉर्म जो तथ्यों को सही, स्पष्ट और तटस्थ ढंग से प्रस्तुत करने का दावा करता है.
ग्रोकिपीडिया कैसे काम करता है?
यह प्लेटफॉर्म xAI के Grok चैटबॉट मॉडल पर आधारित है. Grok एक जनरेटिव AI मॉडल है, जो वास्तविक समय के डेटा (real-time data) पर प्रशिक्षित है.
इसकी खासियत यह है कि यह अपने डेटाबेस को लगातार अपडेट करता रहता है और प्रत्येक विषय पर स्वतः कंटेंट तैयार, सत्यापित (fact-check) और संपादित (edit) करता है.
मस्क का कहना है कि ग्रोकिपीडिया विकिपीडिया से तेज, अधिक तथ्यात्मक और राजनीतिक रूप से निष्पक्ष जानकारी देने में सक्षम है. यह सिस्टम अपने आप यह निर्धारित करता है कि कौन-सा डेटा प्रमाणिक है और कौन-सा नहीं.
यूजर इंटरफेस और प्रारंभिक वर्जन
ग्रोकिपीडिया का इंटरफेस बेहद साधारण और साफ-सुथरा रखा गया है. होमपेज पर बड़े अक्षरों में लिखा है- "Grokipedia v0.1" और नीचे एक सर्च बार दिखाई देता है.
यह वर्तमान में बीटा (टेस्टिंग) चरण में है. मस्क ने कहा है कि आने वाले महीनों में इसका “Version 1.0” लॉन्च किया जाएगा, जो “10 गुना बेहतर” होगा.
अभी के वर्जन में उपयोगकर्ताओं को सीधे संपादन (editing) की अनुमति नहीं दी गई है, लेकिन यदि किसी लेख में त्रुटि पाई जाती है, तो वे “रिपोर्ट एरर” बटन के माध्यम से सूचना दे सकते हैं.
डेटाबेस और जानकारी कहां से आती है?
लॉन्च के समय Grokipedia में लगभग 8.85 लाख से अधिक आर्टिकल्स मौजूद थे. इसमें प्रारंभिक कंटेंट Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License के अंतर्गत विकिपीडिया से लिया गया है, जिसे AI ने आगे ऑटोमेटेड रूप से अपडेट और रीफॉर्मेट किया है.
जहां विकिपीडिया क्राउड-सोर्स्ड (crowd-sourced) प्लेटफॉर्म है, जिसमें दुनिया भर के वॉलंटियर्स लेख संपादित करते हैं, वहीं ग्रोकिपीडिया पूरी तरह AI-ड्रिवन है. इसका मतलब है कि यहां कंटेंट मानव संपादकों द्वारा नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार और मॉनिटर किया जाता है.
मस्क ने कहा, "विकिपीडिया को चलाने वाला मॉडल पुराने युग की सोच है, जिसमें इंसानी विचारधाराओं का प्रभाव बहुत अधिक है. ग्रोकिपीडिया का उद्देश्य तथ्यों को बिना किसी झुकाव के प्रस्तुत करना है."
विकिपीडिया का भविष्य का प्रतिद्वंद्वी
ग्रोकिपीडिया सिर्फ एक नई वेबसाइट नहीं है, यह एक पूरी नई अवधारणा है, जो क्राउड नॉलेज से AI नॉलेज की ओर बढ़ने का प्रतीक है. जहां विकिपीडिया की ताकत उसके वॉलंटियर्स हैं, वहीं ग्रोकिपीडिया की शक्ति उसका एल्गोरिदम है, जो डेटा को सेकंडों में विश्लेषित करके संक्षेप में प्रस्तुत करता है.
मस्क का दावा है कि यह सिस्टम गलत या पक्षपाती जानकारी को अपने आप फ़िल्टर कर देगा, जिससे उपयोगकर्ता को “क्लीन, वेरिफाइड और ऑब्जेक्टिव” डेटा मिलेगा.
आने वाले फीचर्स और मस्क की योजनाएं
xAI टीम ने फिलहाल केवल v0.1 बीटा वर्जन जारी किया है. मस्क ने घोषणा की है कि अगले संस्करण में न केवल कंटेंट की संख्या बढ़ेगी, बल्कि उसमें “डीप फैक्ट-चेकिंग”, “सोर्स ट्रैकिंग” और “AI ह्यूमन एडिटिंग हाइब्रिड सिस्टम” जैसी विशेषताएं जोड़ी जाएंगी.
उन्होंने कहा, "हम भविष्य में एक एडिटोरियल टीम भी बनाएंगे, जो AI द्वारा तैयार की गई जानकारी को वेरिफाई करेगी, ताकि प्लेटफॉर्म पर केवल सत्य और सटीक जानकारी ही उपलब्ध हो."
मस्क के अनुसार, Grokipedia का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि दुनिया को समझने की दिशा में योगदान देना है. यह प्रोजेक्ट xAI के मुख्य मिशन- “To Understand the Universe” का एक हिस्सा है.
ये भी पढ़ें- पुतिन को मनाने की हर कोशिश नाकाम, नहीं रुक रहा रूस-यूक्रेन जंग, अब क्या करेंगे ट्रंप? जानें प्लान