Mullah Yakub Warns Pakistan: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच विवादित सीमा रेखा और हालिया हवाई हमलों को लेकर तनाव एक बार फिर से सतह पर आ गया है. तालिबान सरकार के रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब ने दोहा से एक ऑनलाइन प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि अफगानिस्तान की संप्रभुता में किसी भी प्रकार की दखल को सहन नहीं किया जाएगा.
उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि डूरंड रेखा से जुड़ा मामला अफगान जनता की भावनाओं से जुड़ा है और इसे किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता.
तुर्की में होने वाली अगली वार्ता पर टिकी हैं उम्मीदें
मुल्ला याकूब ने बताया कि तुर्की में प्रस्तावित आगामी दौर की शांति वार्ता में मौजूदा समझौते के क्रियान्वयन तंत्र को लेकर चर्चा की जाएगी. यह बातचीत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और मध्यस्थ देशों की भागीदारी में होगी. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान भविष्य में किसी तरह की आक्रामक कार्रवाई करता है, तो अफगानिस्तान अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.
मुल्ला याकूब ने कहा, "पाकिस्तान ने दो देशों के सामने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है. अगर किसी भी पक्ष से उल्लंघन होता है, तो हमारे पास उसका जवाब देने की क्षमता और हक़ दोनों मौजूद हैं."
व्यापार और शरणार्थियों को लेकर भी बनी सहमति
इस वार्ता में सीमा संघर्ष से हटकर व्यापार बहाली और शरणार्थियों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. तालिबान सरकार ने साफ किया कि वह पाकिस्तान समेत सभी देशों से राष्ट्रीय हितों के आधार पर संबंध बनाए रखना चाहती है. मुल्ला याकूब ने बताया कि अफगान शरणार्थियों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी पाकिस्तान से बातचीत हुई है.
सीजफायर के बावजूद पाकिस्तान के हमले
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक अलग बयान में दावा किया कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम के बावजूद अफगान क्षेत्र में हवाई हमले किए. उन्होंने बताया कि ये हमले शुक्रवार को हुए, जबकि बुधवार से शुरू हुआ संघर्षविराम दोहा में जारी शांति वार्ता के मद्देनज़र बढ़ाया गया था.
जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, "इन हमलों में नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है. काबुल के पास जवाब देने का अधिकार सुरक्षित है, लेकिन वार्ता टीम के सम्मान में लड़ाकों को फिलहाल संयम बरतने का निर्देश दिया गया है."
2,600 किमी लंबी सीमा पर फिर भड़की हिंसा
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 2,600 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा, जिसे डूरंड रेखा कहा जाता है, एक बार फिर टकराव का कारण बन गई है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से उग्रवादी गुट पाकिस्तान पर हमले कर रहे हैं, वहीं अफगानिस्तान इसे अपनी क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन मान रहा है.
हालिया झड़पों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों घायल हुए हैं. दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, पाकिस्तान के असिफ और अफगान रक्षा मंत्री याकूब ने इन घटनाओं के बीच समाधान तलाशने की कोशिश की है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है.
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