DELHI POLLUTION: त्योहारी मौसम की रौनक के बीच दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर सांस लेने के संकट से जूझ रहा है. दिवाली से पहले ही राजधानी की हवा गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुकी है. 19 अक्टूबर को दिल्ली का औसत एक्यूआई 296 रिकॉर्ड किया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार के आयोग CAQM (Commission for Air Quality Management) ने GRAP-2 (Graded Response Action Plan- Stage 2) लागू करने का फैसला लिया है.
इस निर्णय के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में कई सख्त पाबंदियों का दौर शुरू हो गया है, जिसका मकसद प्रदूषण को और अधिक बिगड़ने से रोकना है.
Implementation of actions under Stage-II (‘Very Poor’ Air Quality) of the extant schedule of GRAP comes into immediate effect in Delhi-NCR. pic.twitter.com/kJhEbkDrHd
— ANI (@ANI) October 19, 2025
GRAP-2: क्या है और कब लागू होता है?
GRAP यानी ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) को चार चरणों में लागू किया जाता है, जो वायु गुणवत्ता के स्तर (AQI) पर आधारित होता है:
19 अक्टूबर को जैसे ही दिल्ली का एक्यूआई 296 से ऊपर पहुंचा, अधिकारियों ने ग्रैप का दूसरा चरण सक्रिय कर दिया.
GRAP-2 के तहत लागू होंगी ये पाबंदियां
1. धूल नियंत्रण के लिए बड़े कदम
प्रदूषण के सबसे बड़े कारक, धूल पर नियंत्रण के लिए निर्माण स्थलों पर नियमित साफ-सफाई की जाएगी. स्मॉग गन और पानी का छिड़काव विशेष रूप से जाम वाले इलाकों और खुले भूखंडों में अनिवार्य किया गया है.
2. डीजल जेनरेटर पर रोक
घरों और व्यवसायिक संस्थानों में डीजल आधारित जनरेटर चलाने पर पूरी तरह रोक होगी. केवल उन्हीं फैक्ट्रियों को इसकी अनुमति दी जाएगी, जहाँ बिजली आपूर्ति बाधित है.
3. सड़क जाम रोकने के लिए ट्रैफिक टीमें
जाम से हवा की गुणवत्ता पर असर पड़ता है. इसलिए अब सड़कों पर ट्रैफिक मॉनिटरिंग टीमें तैनात की जाएंगी. साथ ही, पार्किंग शुल्क बढ़ाया जा सकता है ताकि लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करें.
RWA और रेस्तरां को भी निर्देश
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs) को अपने गार्ड्स को हीटर उपलब्ध कराना होगा ताकि वे लकड़ी जलाकर ठंड से न बचें. रेस्तरां और ढाबों में तंदूर या कोयले जैसे ईंधन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा. निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों में धूल नियंत्रण के सभी मानकों का पालन अनिवार्य होगा. इसके लिए अधिकारियों की टीमें हर दिन निरीक्षण करेंगी.
विशेषज्ञों की चेतावनी, सतर्क रहें, मास्क पहनें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा/सांस से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित लोगों को सुबह और शाम के वक्त बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है. इसके साथ ही घर से बाहर जाते समय एन95 मास्क या प्रदूषण रोधी मास्क पहनने की सिफारिश की गई है.
दिवाली के आसपास और बिगड़ सकती है हवा
हर साल की तरह इस बार भी आशंका है कि दिवाली के दिन पटाखों और पराली जलाने के कारण वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है. ऐसे में GRAP के अगले चरण, Stage 3 या 4 की ओर बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है.
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