Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रहने के बावजूद जमीनी हालात और ज्यादा बिगड़ते नजर आ रहे हैं. ताजा घटनाक्रम में रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के अनुसार मंगलवार को रूस ने देश के कई हिस्सों को निशाना बनाते हुए दर्जनों मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन दागे.
जेलेंस्की ने बताया कि इन हमलों में 70 से अधिक मिसाइलों के साथ करीब 450 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों समेत विभिन्न तरह के हथियारों का प्रयोग किया, जिनका मुख्य निशाना बिजली और हीटिंग से जुड़े ढांचे रहे. उनका कहना है कि यह हमले जानबूझकर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को पंगु बनाने के मकसद से किए गए हैं ताकि आम नागरिकों को सर्दियों के दौरान ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़े.
Recovery efforts following the Russian strike across our regions are ongoing. Once again, there was a targeted attack specifically on energy facilities – the Russians used a significant number of ballistic missiles in combination with other missiles, more than 70 missiles in… pic.twitter.com/EymOingPiY
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) February 3, 2026
कीव में ठंड और बिजली संकट
राजधानी कीव में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं. जेलेंस्की के मुताबिक हमलों के बाद शहर की एक हजार से ज्यादा रिहायशी इमारतों में हीटिंग व्यवस्था ठप हो गई है. तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के बीच लोग भीषण ठंड में रहने को मजबूर हैं. प्रभावित इलाकों में मरम्मत और बहाली का काम लगातार जारी है ताकि जरूरी सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके.
कई शहर बने हमलों का निशाना
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि इन हमलों का असर केवल कीव तक सीमित नहीं रहा. सूमी, खार्किव, निप्रो, ओडेसा और विनित्सिया जैसे शहरों को भी निशाना बनाया गया. हमलों में रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है और कम से कम नौ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस सर्दियों की कठोर परिस्थितियों का फायदा उठाकर आम नागरिकों पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है.
सोशल मीडिया पर जेलेंस्की का संदेश
हमलों के बाद जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर पूरी स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर खींचते हुए कहा कि ऊर्जा ढांचे पर किए गए हमले केवल सैन्य कार्रवाई नहीं हैं, बल्कि आम लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करने की कोशिश है.
ऐतिहासिक स्मारक को नुकसान पर नाराज़गी
यूक्रेन के सांस्कृतिक मंत्री ने भी रातभर चले हमलों पर प्रतिक्रिया दी. उनके अनुसार कीव में स्थित द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ा प्रसिद्ध “मदर लैंड” स्मारक भी इन हमलों में क्षतिग्रस्त हुआ है. उन्होंने इसे प्रतीकात्मक और निंदनीय बताते हुए कहा कि जिस स्मारक को पिछली सदी के विनाशकारी युद्ध की याद के रूप में बनाया गया था, वही आज एक बार फिर युद्ध की चपेट में आ गया है. मंत्री ने आरोप लगाया कि हमलावर देश बीते दौर की त्रासदियों से कोई सबक नहीं ले रहा और वर्तमान समय में भी उसी तरह के विनाश को दोहरा रहा है.
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