PM Modi Slovakia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 14-15 जून 2026 की स्लोवाकिया यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई. इस दौरान भारत और स्लोवाकिया ने अपने रिश्तों को नई ऊंचाई देने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए और 3 महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. सबसे अहम फैसला दोनों देशों के संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप के स्तर तक उन्नत करने का रहा, जिसे भविष्य के सहयोग के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है.
पीएम मोदी ने फिको को बताया भारत का सच्चा मित्र
ब्रातिस्लावा में आयोजित संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको को गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि फिको एक अनुभवी नेता और भारत के सच्चे मित्र हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी मित्रता और मजबूत प्रतिबद्धता ने भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक क्षण बताया.
रिश्तों को कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप तक पहुंचाने का फैसला
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है. उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर दोनों देशों ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप तक बढ़ाने का फैसला किया है. उनके अनुसार यह निर्णय साझा विश्वास, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य की मजबूत नींव का प्रतीक है.
सहयोग को मिली नई दिशा
इस यात्रा के दौरान भारत और स्लोवाकिया के बीच श्रमिकों की आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए समझौता हुआ. रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए. डिजिटल टेक्नोलॉजी, उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्रों में भी साझेदारी मजबूत करने पर सहमति बनी. फिल्म, टेलीविजन और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए ऑडियो-विजुअल क्रिएशन संबंधी समझौता भी किया गया. इसके अलावा कोसिसे स्थित तकनीकी विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर पहला ICCR चेयर स्थापित करने का फैसला लिया गया.
इन क्षेत्रों में हुए अहम समझौते
दोनों देशों ने क्वांटम कम्युनिकेशन और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई. आयुष मंत्रालय के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी, पुणे और स्लोवाकिया के हेल्थ स्पा पिएस्तानी के बीच समझौता हुआ. वहीं आईआईटी दिल्ली और स्लोवाक टेक्निकल यूनिवर्सिटी के बीच छात्र विनिमय, छात्रवृत्ति और संयुक्त शोध कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर सहमति बनी. इसके साथ ही दोनों देशों के टूर ऑपरेटर संगठनों के बीच पर्यटन सहयोग और इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी तथा स्लोवाक एकेडमी ऑफ साइंसेज के बीच वैज्ञानिक सहयोग के लिए भी समझौते किए गए.
तीन बड़ी घोषणाओं ने बढ़ाई साझेदारी की ताकत
यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप तक उन्नत करने की औपचारिक घोषणा की. इसके अलावा आतंकवाद से मुकाबले के लिए संयुक्त कार्य समूह (जॉइंट वर्किंग ग्रुप ऑन काउंटर टेररिज्म) स्थापित करने का फैसला लिया गया. नागरिक सेवाओं और वीजा संबंधी मामलों में बेहतर सहयोग सुनिश्चित करने के लिए कॉन्सुलर डायलॉग शुरू करने की भी घोषणा की गई. इन फैसलों को भारत और स्लोवाकिया के बीच दीर्घकालिक और व्यापक सहयोग को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है.
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