Delhi Metro Phase 5 Expansion: नए साल से पहले दिल्ली-एनसीआर के निवासियों और विशेषकर सरकारी कर्मचारियों तथा दैनिक यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दिल्ली मेट्रो के चरण-V (A) (Phase-VA) के विस्तार को मंजूरी दे दी गई. यह विस्तार न केवल शहर के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क को मजबूत करेगा, बल्कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के यातायात को भी नया आकार देगा.
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान इस ऐतिहासिक फैसले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग ₹12,015 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है. इस विस्तार के पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 400 किलोमीटर से अधिक हो जाएगी, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल करता है.
#WATCH | On Union Cabinet decisions, Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "The Union Cabinet has approved Phase 5A of Delhi Metro, which will comprise 13 stations. A 16 km-long new line will be laid at a cost of Rs 12,015 crore. With this, the Delhi Metro network will cross 400… pic.twitter.com/hqzMY1ogz2
— ANI (@ANI) December 24, 2025
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “भारत के पास अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है. यह नया विस्तार दिल्ली की लाइफलाइन को और अधिक सशक्त बनाएगा और यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगा."
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
यह नया मेट्रो कॉरिडोर कुल 16 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 13 नए स्टेशन बनाए जाएंगे. इनमें से 10 स्टेशन भूमिगत और 3 एलिवेटेड होंगे. प्रोजेक्ट को तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस विस्तार से न केवल दिल्ली की ट्रैफिक समस्या में राहत मिलेगी, बल्कि शहर के पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.
पर्यावरण और सार्वजनिक लाभ
सरकार के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने से सालाना 33,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी. यह पहल प्रदूषण को कम करने और दिल्ली के हवा की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाएगी.
इस नए कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कर्तव्य भवन (सेंट्रल विस्टा क्षेत्र) को मेट्रो नेटवर्क से सीधे जोड़ेगा. इससे करीब 60,000 केंद्रीय कर्मचारियों और प्रतिदिन आने वाले लगभग 2 लाख आगंतुकों को सीधा लाभ मिलेगा.
समय और निजी वाहनों पर असर
16 किलोमीटर के इस नए विस्तार के बाद यात्रियों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से शहर में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी.
दिल्ली मेट्रो वर्तमान में लगभग 65 लाख यात्रियों को प्रतिदिन उनके गंतव्य तक पहुंचाती है और मौजूदा नेटवर्क 395 किलोमीटर में फैला हुआ है. यह नया विस्तार मेट्रो को न केवल दिल्ली के आंतरिक हिस्सों से जोड़ता है, बल्कि एनसीआर के संपर्क को भी और मजबूत करेगा.
मेट्रो का भविष्य और दिल्लीवासियों को राहत
16 किलोमीटर का यह नया कॉरिडोर दिल्लीवासियों और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए गेमचेंजर साबित होगा. केंद्रीय कर्मचारियों, दैनिक यात्रियों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह कदम राहत देने वाला है.
विशेषज्ञों का मानना है कि Phase-VA का यह विस्तार न केवल दिल्ली मेट्रो की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि शहर में सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
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