'ज्ञानं विरक्तिरैश्वर्यं शौर्यं तेजो बलं स्मृतिः' पीएम मोदी ने इस श्लोक से दी नए साल की बधाई, क्या है इसका मतलब

    देश और दुनिया में नए साल का जश्न पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है.

    PM Modi congratulated New Year with verse what is its meaning
    प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

    नई दिल्ली: देश और दुनिया में नए साल का जश्न पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नववर्ष के अवसर पर देशवासियों को खास अंदाज में बधाई दी है. उन्होंने अपने संदेश में एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए नए साल के लिए सकारात्मक कामनाएं व्यक्त कीं.

    सोशल मीडिया पर साझा किया नववर्ष संदेश

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि 2026 की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं. उन्होंने कामना की कि यह नया वर्ष हर व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीदें, नए संकल्प और नया आत्मविश्वास लेकर आए. उन्होंने यह भी कहा कि यह वर्ष सभी को आगे बढ़ने और बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करे.

    अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक साझा किया, जिसने लोगों का खास ध्यान खींचा.

    PM मोदी ने कौन सा श्लोक साझा किया?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में यह श्लोक लिखा—

    “ज्ञानं विरक्तिरैश्वर्यं शौर्यं तेजो बलं स्मृतिः.
    स्वातन्त्र्यं कौशलं कान्तिर्धैर्यं मार्दवमेव च॥”

    यह श्लोक जीवन के मूल्यों और आदर्शों को दर्शाता है और भारतीय दर्शन की गहराई को प्रकट करता है.

    क्या है इस श्लोक का अर्थ

    इस श्लोक का भावार्थ है कि जीवन में ज्ञान, वैराग्य, ऐश्वर्य (संपन्नता), शौर्य, तेज, बल और स्मरण शक्ति का होना आवश्यक है. इसके साथ-साथ स्वतंत्रता, कौशल, आभा (दीप्ति), धैर्य और कोमलता जैसे गुण भी व्यक्ति के जीवन को सार्थक बनाते हैं. अर्थात, इन सभी गुणों से युक्त होना ही एक संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का लक्ष्य होना चाहिए.

    प्रधानमंत्री के इस संदेश को कई लोग आत्मिक और प्रेरणादायक नववर्ष संदेश के रूप में देख रहे हैं.

    देशभर में नए साल का उत्साह

    नववर्ष के मौके पर पूरे देश में उत्सव का माहौल बना हुआ है. लोग अपने-अपने तरीके से खुशियां मना रहे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शुभकामना संदेशों की बाढ़ आई हुई है. कई लोग नए साल के पहले दिन मंदिरों और धार्मिक स्थलों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं.

    प्रधानमंत्री के अलावा अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक हस्तियों ने भी नए साल पर देशवासियों को बधाई संदेश दिए हैं. इन संदेशों में शांति, विकास, एकता और सकारात्मक सोच पर जोर दिया गया है.

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