Cabinet Decision: केंद्रीय कैबिनेट ने देश में रेल और सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है. सरकार ने रेलवे की 4 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी दी है. इन पर करीब 9,450 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के 8 जिलों को फायदा मिलेगा.
इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेलवे नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर की अतिरिक्त क्षमता बढ़ जाएगी. सरकार ने इन सभी कामों को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. इसके अलावा बिहार में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक 4 लेन हाईवे बनाने की परियोजना को भी मंजूरी दी गई है. इस सड़क परियोजना पर करीब 3,591 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
4 रेल परियोजनाओं पर खर्च होंगे 9,450 करोड़ रुपये
कैबिनेट की मंजूरी के बाद देश के कई व्यस्त रेल मार्गों पर नए ट्रैक बिछाए जाएंगे. इससे ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और मौजूदा रूट पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी. खड़गपुर-भद्रक-रानीताल चौथी लाइन परियोजना पर करीब 3,352 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन के लिए करीब 1,583 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.
गुम्मिडिपुंडी-गुडूर के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की परियोजना पर करीब 2,229 करोड़ रुपये खर्च होंगे. कटक-पारादीप के बीच तीसरी और चौथी लाइन के लिए करीब 2,286 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. इन चारों परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के 8 जिलों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
#WATCH | Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "The cabinet has approved the Kharagpur to Bhadrak project. It goes via Baleshwar and down to Rupsa, after Rupsa, down to Bhadrak. This is complete along the entire coast of Odisha. This is a line going along the coast. This… pic.twitter.com/9IPG3ksQJV
— ANI (@ANI) August 19, 2026
बिहार में बनेगा मुजफ्फरपुर-सोनबरसा 4 लेन हाईवे
कैबिनेट ने बिहार के मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक 4 लेन हाईवे बनाने की योजना को भी मंजूरी दी है. इस परियोजना की लागत करीब 3,591 करोड़ रुपये है. इस हाईवे के बनने से उत्तर बिहार के कई इलाकों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा.
लोगों के लिए यात्रा आसान होगी और सामान की आवाजाही भी तेजी से हो सकेगी. बेहतर सड़क संपर्क का फायदा कारोबार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी मिल सकता है. इससे आसपास के क्षेत्रों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी.
रेलवे में 410 किलोमीटर की अतिरिक्त क्षमता
चारों रेल परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेलवे नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर की अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी. नए ट्रैक बनने से एक ही रूट पर ज्यादा ट्रेनों को चलाना आसान होगा. इससे व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों के दबाव को कम करने और यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
सरकार का लक्ष्य इन परियोजनाओं को 2030-31 तक पूरा करना है. इनका मुख्य उद्देश्य रेलवे और सड़क नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना, यातायात का दबाव कम करना और लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है.
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