शिक्षा मंत्री की बैठक के बाद NTA में बड़ा बदलाव, 600 एक्सपर्ट हटाए गए, अब होगी 4-लेयर पेपर चेकिंग

NTA Exam Reform: शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की समीक्षा बैठक के बाद NTA ने परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की जानकारी दी है. करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नई टीम तैयार की जा रही है और प्रश्न-पत्र की गुणवत्ता व सुरक्षा के लिए चार-स्तरीय जांच प्रणाली लागू की जाएगी.

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NTA Exam Reform:  देश की प्रमुख प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी चल रही है. परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने फॉलो-अप बैठक की. बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, जरूरी बुनियादी सुविधाओं और प्रश्न-पत्र की जांच व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया.

बैठक के बाद NTA के महानिदेशक ने एजेंसी की ओर से अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी. बताया गया कि परीक्षा टीम में व्यापक फेरबदल किया गया है और करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. इसके साथ ही प्रश्न-पत्र की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चार-स्तरीय जांच प्रणाली लागू करने की तैयारी है.

NTA की परीक्षा टीम में बड़ा बदलाव

शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में NTA की मौजूदा परीक्षा व्यवस्था और उसमें किए जा रहे सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई. महानिदेशक ने बताया कि परीक्षा संचालन से जुड़ी टीम में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं. करीब 600 विशेषज्ञों को टीम से हटाया गया है और उनकी जगह नए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है.

इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में नई विशेषज्ञता लाना और अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियों को अधिक प्रभावी बनाना है. एजेंसी का फोकस अब प्रश्न-पत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों की निगरानी और सुरक्षा तक हर स्तर पर व्यवस्था मजबूत करने पर है.

चार स्तर पर होगी प्रश्न-पत्र की जांच

NTA की परीक्षा व्यवस्था में सबसे अहम बदलाव प्रश्न-पत्र की जांच को लेकर किया जा रहा है. अब प्रश्न-पत्र को परीक्षा में शामिल करने से पहले चार अलग-अलग स्तरों पर जांचने की व्यवस्था लागू की जाएगी.

इस प्रणाली का उद्देश्य प्रश्नों की गुणवत्ता, कठिनाई के स्तर, भाषा और संभावित त्रुटियों की पहचान करना है. बहु-स्तरीय जांच से प्रश्न-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में मानवीय गलतियों की संभावना कम करने और परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

अगले कुछ हफ्तों में जुड़ेंगे नए अधिकारी

NTA के महानिदेशक के अनुसार, अगले दो से तीन सप्ताह के दौरान करीब 20 से 25 नए अधिकारियों को टीम में शामिल किया जाएगा. इसके अलावा भविष्य में और अधिकारियों की नियुक्ति की जरूरत को लेकर भी समीक्षा की गई है.

नई टीम में ऐसे विशेषज्ञों को जगह देने पर जोर दिया जा रहा है, जिन्हें परीक्षा संचालन, तकनीकी सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और प्रश्न-पत्र तैयार करने जैसे क्षेत्रों का अनुभव हो. एजेंसी की कोशिश है कि बदलती तकनीकी चुनौतियों के बीच परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाया जा सके.

NTA के दफ्तरों की सुरक्षा भी होगी मजबूत

बैठक में NTA के कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अहम चर्चा हुई. महानिदेशक ने बताया कि एजेंसी के दफ्तरों को जल्द ही नई जगह पर शिफ्ट किया जाएगा. नई व्यवस्था में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और कार्यालयों की सुरक्षा के लिए CISF की टीमों की तैनाती की जाएगी.

परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों और डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा को देखते हुए कार्यालयों की भौतिक और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नई व्यवस्था के जरिए संवेदनशील परीक्षा सामग्री तक अनधिकृत पहुंच की संभावना को कम करने की कोशिश की जाएगी.

हालिया विवादों के बाद सुधारों पर जोर

NTA की परीक्षा व्यवस्था में ये बदलाव ऐसे समय किए जा रहे हैं जब एजेंसी की परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. JEE Main, NEET UG, CUET UG और UGC NET जैसी देश की बड़ी परीक्षाओं का संचालन NTA करता है.

इन परीक्षाओं में लाखों विद्यार्थी शामिल होते हैं. ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में छोटी-सी गड़बड़ी भी बड़ी संख्या में छात्रों के भविष्य और उनकी मेहनत को प्रभावित कर सकती है. यही वजह है कि सरकार और NTA अब परीक्षा प्रणाली के अलग-अलग हिस्सों को अधिक मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं.

50 से अधिक कर्मचारियों को पहले ही हटाया गया

इससे पहले 17 अगस्त को शिक्षा मंत्रालय ने बताया था कि NTA ने हालिया परीक्षा विवादों के बाद अपनी आंतरिक व्यवस्था में सुधार के तहत 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया है. इसके साथ ही एजेंसी ने 10 नए पेशेवर नेतृत्व पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की है.

सरकार की कोशिश है कि NTA की कार्यप्रणाली में विशेषज्ञता बढ़ाई जाए और परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी अनुभवी पेशेवरों को दी जाए. इससे परीक्षा संचालन में जवाबदेही और तकनीकी क्षमता दोनों मजबूत होने की उम्मीद है.

साइबर सिक्योरिटी से लेकर प्रश्न-पत्र डिजाइन तक विशेषज्ञों की भर्ती

NTA अब कई महत्वपूर्ण पदों पर नए पेशेवरों की नियुक्ति कर रहा है. इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर और चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर जैसे पद शामिल हैं. इसके अलावा टेस्ट सिक्योरिटी के लिए जनरल मैनेजर तथा रिसर्च एंड डेवलपमेंट और साइकोमेट्रिक्स के लिए जनरल मैनेजर की नियुक्ति भी की जा रही है.

मंत्रालय के अनुसार, साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्न-पत्र डिजाइन जैसे विशेष क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों को भी NTA के साथ जोड़ने की योजना है. इसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और पेशेवर विशेषज्ञता के साथ मजबूत करना है.

परीक्षा व्यवस्था को भरोसेमंद बनाने की कोशिश

NTA की नई पहल का सबसे बड़ा लक्ष्य परीक्षा प्रक्रिया में छात्रों का भरोसा मजबूत करना है. प्रश्न-पत्र की चार स्तरों पर जांच, विशेषज्ञ टीम में बदलाव, नए अधिकारियों की नियुक्ति और कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ाने जैसे कदम इसी दिशा में उठाए जा रहे हैं.

आने वाले दिनों में इन सुधारों का असर परीक्षा संचालन में कितना दिखाई देता है, यह महत्वपूर्ण होगा. फिलहाल सरकार और NTA का जोर ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है जिसमें परीक्षा की सुरक्षा के साथ पारदर्शिता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित की जा सके.

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