मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान इस्लामाबाद पहुंचे और उन्होंने रावलपिंडी में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की.
इस बैठक को लेकर क्षेत्रीय राजनीति में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, क्योंकि यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की.
असीम मुनीर से हुई अहम बातचीत
खालिद बिन सलमान ने अपने पोस्ट में बताया कि उन्होंने पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ मुलाकात की. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग और ईरान से जुड़े हालात पर चर्चा हुई.
उन्होंने कहा कि बातचीत में उन कदमों पर विचार किया गया जो सऊदी अरब पर संभावित ईरानी हमलों को रोकने और दोनों देशों के बीच हुए संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत उठाए जा सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करती हैं और उम्मीद जताई कि ईरान इस स्थिति को समझदारी से संभालेगा और गलत आकलन से बचेगा.
सऊदी अरब ने सक्रिय किया रक्षा समझौता
रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ हुए रणनीतिक रक्षा समझौते को सक्रिय करने का फैसला किया है. यह समझौता पिछले साल सितंबर में दोनों देशों के बीच हुआ था. इस समझौते के तहत यदि किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जा सकता है.
अब माना जा रहा है कि इसी समझौते के आधार पर सऊदी अरब पाकिस्तान से क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों में सहयोग चाहता है. सऊदी अरब पहले ही ईरान को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है और ऐसे में पाकिस्तान पर समर्थन देने का दबाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है.
पाकिस्तान पर बढ़ रहा दबाव
मध्य पूर्व की स्थिति पर नजर रखने वाले कई विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि मौजूदा घटनाक्रम ने पाकिस्तान को बेहद कठिन स्थिति में डाल दिया है.
रिपोर्ट्स के अनुसार Middle East Eye सहित कई विश्लेषकों ने लिखा है कि हाल के घटनाक्रमों के बाद पाकिस्तान पर सऊदी अरब के साथ खड़े होने का दबाव बढ़ सकता है.
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. इसके बाद तेहरान ने सऊदी अरब समेत कई खाड़ी देशों को लेकर सख्त रुख अपनाया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री का बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी बयान दिया है. उन्होंने इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और बाद में संसद में कहा कि पाकिस्तान का सऊदी अरब के साथ एक रक्षा समझौता है.
डार के मुताबिक उन्होंने इस समझौते का जिक्र ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत के दौरान भी किया था.
उन्होंने कहा कि ईरानी पक्ष ने यह आश्वासन मांगा है कि सऊदी अरब की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए लॉन्चपैड के तौर पर नहीं किया जाएगा.
कई मोर्चों पर उलझा पाकिस्तान
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय कई जटिल चुनौतियों का सामना कर रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई हिस्सों में हिंसा भड़कने की खबरें सामने आई थीं.
इसके अलावा पाकिस्तान पहले से ही अफगानिस्तान के साथ सीमा विवाद और तनाव का सामना कर रहा है. दूसरी ओर भारत के साथ भी उसके संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं और सीमावर्ती इलाकों में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हुई हैं.
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