LPG Cylinder Prices: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है. ताजा जानकारी के मुताबिक घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए हैं. नई कीमतें आज से लागू हो गई हैं, जिसका असर सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों की जेब पर पड़ सकता है.
सूत्रों के अनुसार 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है. वहीं दूसरी ओर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी बढ़ा दी गई है.
The price of a 14.2-kg domestic LPG cylinder has been increased by Rs 60. In Delhi, 14.2-Kg Domestic LPG Cylinder prices increased from Rs 853 to Rs 913. New rate will be effective from March 7: Sources pic.twitter.com/Mxh7QeIyfl
— ANI (@ANI) March 6, 2026
बताया जा रहा है कि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इसके बाद दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई कीमत 1883 रुपये हो गई है. वहीं मुंबई में इसी सिलेंडर की कीमत अब 1835 रुपये तक पहुंच गई है. इस बढ़ोतरी के साथ ही कई छोटे व्यवसायों और खाने-पीने के कारोबार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
The price of a 19 kg commercial LPG gas cylinder has also been increased by Rs 115, effective from today, 7 March. In Delhi, a 19 kg commercial LPG cylinder will now cost Rs 1883, and in Mumbai it will cost Rs 1835: Sources pic.twitter.com/C1JfiOHtai
— ANI (@ANI) March 6, 2026
रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार भी ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. हाल ही में सरकार ने सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. इस आदेश में सरकारी और निजी दोनों तरह की रिफाइनरियों को शामिल किया गया है.
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में गैस की आपूर्ति पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव न पड़े और उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध हो सके.
भारत में ऊर्जा की कमी की स्थिति नहीं
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी हाल ही में कहा था कि मौजूदा हालात के बावजूद भारत को ऊर्जा की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद देश में तेल और गैस की आपूर्ति की स्थिति फिलहाल स्थिर है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्रूड ऑयल की सप्लाई को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही हैं, उन्हें लेकर सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक स्रोतों से आयात की व्यवस्था भी की जा रही है.
भारत के पास मौजूद है पर्याप्त गैस भंडार
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत के पास फिलहाल एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है. क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसे ईंधन का स्टॉक इतना है कि किसी भी संभावित आपूर्ति संकट से निपटा जा सके.
इसके अलावा तेल कंपनियां आपूर्ति में संभावित कमी को पूरा करने के लिए खाड़ी देशों के अलावा अन्य देशों से भी आयात बढ़ा रही हैं. इससे ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिल रही है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के कारण बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बाद स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ईरान ने रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है.
इस रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है. जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है.
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