पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष और रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz के आसपास बढ़ते खतरे के बाद पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है.
रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल के दाम एक झटके में 55 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए गए हैं. इस फैसले के बाद देश में ईंधन की कीमतें अचानक काफी बढ़ गई हैं, जिससे आम लोगों और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई कीमतों का ऐलान
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने उप प्रधानमंत्री इशाक डार और वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई कीमतों की घोषणा की.
नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत 266.17 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 321.17 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 105 रुपये से अधिक बैठती है. वहीं हाई-स्पीड डीजल की कीमत 280.86 रुपये से बढ़कर 335.86 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जो भारतीय रुपये में करीब 110 रुपये के आसपास मानी जा रही है.
ईंधन की कीमतों में यह अचानक हुई बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान पहले से ही महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है.
पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी में भी बदलाव
सरकार ने ईंधन की कीमतों के साथ पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी (PDL) में भी बदलाव किया है. पेट्रोल पर लगने वाली लेवी को 84.40 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 105 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
हालांकि डीजल पर लगने वाली लेवी में कुछ राहत दी गई है. डीजल पर यह लेवी 76.21 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 55 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से बदलते हालात के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा है. उन्होंने बताया कि अब पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की समीक्षा हर सप्ताह की जाएगी ताकि वैश्विक बाजार की स्थिति के अनुसार दरों में बदलाव किया जा सके.
कीमतें कब घटेंगी?
सरकार ने संकेत दिया है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आती है और आपूर्ति की स्थिति सामान्य होती है, तो भविष्य में ईंधन के दाम कम भी किए जा सकते हैं.
अधिकारियों के अनुसार देश में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए पिछले कुछ हफ्तों से तेल का अतिरिक्त स्टॉक सुरक्षित रखा गया है. इसके साथ ही सरकार ने चेतावनी दी है कि ईंधन की जमाखोरी करके मुनाफा कमाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
होर्मुज संकट के बीच पाकिस्तान की चिंता
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण पाकिस्तान को तेल आपूर्ति को लेकर विशेष चिंता हो रही है. पाकिस्तान के अधिकतर तेल टैंकर सामान्य परिस्थितियों में Strait of Hormuz के रास्ते ही देश तक पहुंचते हैं.
अगर यह समुद्री मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है तो पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है. यही वजह है कि पाकिस्तान अब तेल लाने के लिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश में जुट गया है.
सऊदी अरब से वैकल्पिक सप्लाई की मांग
ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए पाकिस्तान ने सऊदी अरब से मदद मांगी है. पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने पाकिस्तान में सऊदी राजदूत नवाफ बिन सईद अल मल्की से मुलाकात कर तेल सप्लाई के लिए वैकल्पिक मार्ग पर चर्चा की.
पाकिस्तान ने अनुरोध किया है कि सऊदी अरब लाल सागर स्थित Yanbu Port के रास्ते तेल भेजने की व्यवस्था करे. यह मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के संभावित जोखिम से बचने के लिए एक वैकल्पिक विकल्प माना जा रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी अरब ने भरोसा दिया है कि जरूरत पड़ने पर यनबू पोर्ट के जरिए पाकिस्तान को तेल सप्लाई में मदद दी जा सकती है.
ये भी पढ़ें- मिडिल ईस्ट जंग के बीच महंगा हुआ LPG सिलेंडर, घरेलू और कमर्शियल दोनों के बढ़े दाम, देखें नई कीमतें