दिवाली के ठीक पहले उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां लोधीगंज क्षेत्र में लगी पटाखा मंडी में अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें करीब 70 दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गईं. इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई.
सिगरेट की चिंगारी बनी विनाश का कारण
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हादसा एक व्यक्ति द्वारा सिगरेट पीने के दौरान हुई चिंगारी से शुरू हुआ. बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले एक दुकान में लगी और फिर तेजी से फैलते हुए पूरे इलाके को चपेट में ले लिया. चूंकि यह एक पटाखा मंडी थी, इसलिए आग ने विस्फोटक सामग्री के कारण विकराल रूप धारण कर लिया. देखते ही देखते पूरी मंडी धुएं और धमाकों से भर गई.
70 से अधिक दुकानें जलकर राख
महात्मा गांधी महाविद्यालय के मैदान में अस्थायी तौर पर लगाई गई यह पटाखा मंडी त्योहार से पहले कारोबारियों की उम्मीद का केंद्र थी. कई दुकानदारों ने ब्याज पर पैसा लेकर पटाखों का स्टॉक और लाइसेंस जुटाया था. लेकिन इस हादसे ने उनकी मेहनत, पूंजी और उम्मीदों को पलभर में राख कर दिया. आग में दर्जनों बाइक, नकदी और स्टॉक पूरी तरह नष्ट हो गया.
वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर
घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि आसमान में काले धुएं का गुबार ऊंचाई तक फैल गया था. लगातार घंटों तक पटाखों के फूटने की आवाजें आती रहीं, जिससे आस-पास के इलाकों में दहशत फैल गई. मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि पास जाना भी मुश्किल हो गया था.
यूपी के फतेहपुर में बड़ा हादसा
— Vivek mishra 007 (@007vivekmishra) October 19, 2025
एमजी कालेज में सजी पटाखा मंडी में लगी भीषण आग
बिना मानक के लगी थी पटाखा मार्केट
दमकल टीम राहत बचाव कार्य में जुटी
पटाखा व्यापारियों से लाइसेंस के नाम पर हुई थी वसूली !@fatehpurpolice @Uppolice @ADGZonPrayagraj @igrangealld @CMOfficeUP… pic.twitter.com/0urChXR7bZ
प्रशासन मौके पर, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आग कैसे लगी, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है. वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ित व्यापारियों की मदद के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी.
दिवाली से पहले बर्बादी का मंजर
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब त्योहारों की तैयारी जोरों पर थी. पटाखा विक्रेताओं के लिए यह सीजन साल भर की कमाई का सबसे बड़ा मौका होता है, लेकिन इस हादसे ने उन्हें कर्ज और संकट की आग में झोंक दिया. अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और मदद पर टिकी हैं.
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