पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में हुआ भीषण धमाका, मौके पर पहुंची बम डिस्पोजल यूनिट, देखें वीडियो

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद सोमवार सुबह एक जोरदार धमाके से दहल उठी. यह विस्फोट देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान की इमारत के बेसमेंट में हुआ, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

massive Explosion in Supreme Court of Pakistan
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद सोमवार सुबह एक जोरदार धमाके से दहल उठी. यह विस्फोट देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान की इमारत के बेसमेंट में हुआ, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद पूरे परिसर को खाली कराया गया और राजधानी की सभी सरकारी इमारतों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

सुप्रीम कोर्ट में मरम्मत के दौरान हादसा

स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू विभाग के मुताबिक, विस्फोट सुप्रीम कोर्ट के बेसमेंट में मौजूद एयर-कंडीशनिंग गैस प्लांट के पास हुआ, जहां तकनीकी कर्मचारी मरम्मत का काम कर रहे थे. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि गैस लीक होने के बाद सिस्टम में अचानक आग लग गई, जिससे धमाका हुआ.

हालांकि कुछ चश्मदीदों और शुरुआती रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि धमाका सुप्रीम कोर्ट की कैंटीन के पास गैस सिलेंडर फटने से हुआ. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि अदालत परिसर के कई हिस्से हिल गए और कई कर्मचारियों को हल्की चोटें आईं.

धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद वकील, सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी घबराकर इमारत से बाहर निकल आए. इसके बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत कोर्ट परिसर को खाली करा लिया और क्षेत्र को सील कर दिया.

शुरुआती जांच में आतंकी साजिश से इनकार

इस्लामाबाद पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, धमाके के तुरंत बाद बम डिस्पोजल यूनिट (BDU) और काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) की टीमें मौके पर पहुंचीं. प्रारंभिक जांच में यह बम धमाका नहीं, बल्कि गैस लीक से हुआ औद्योगिक हादसा बताया गया है.

फिर भी, एहतियात के तौर पर पूरी इमारत की सुरक्षा तलाशी ली गई है ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके.

इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर ने बताया, "वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है. चार घायल व्यक्तियों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर है. विस्फोट का कारण तकनीकी खराबी प्रतीत होता है, लेकिन हम सभी संभावनाओं की जांच कर रहे हैं."

सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही स्थगित

धमाके में घायल हुए चार कर्मचारियों को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी की स्थिति गंभीर नहीं है और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है.

वहीं, सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से सोमवार की सभी कार्यवाहियां स्थगित कर दी हैं. कोर्ट के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया है और केवल जांच एजेंसियों को अंदर जाने की अनुमति दी गई है.

इस्लामाबाद में सुरक्षा अलर्ट बढ़ाया गया

विस्फोट के बाद इस्लामाबाद पुलिस ने राजधानी की सभी प्रमुख इमारतों, सरकारी दफ्तरों और न्यायिक परिसरों की सुरक्षा कड़ी कर दी है. पुलिस और रेंजर बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं.

अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों से आतंकी घटनाओं में इजाफा हुआ है, इसलिए हर धमाके को संभावित आतंकी हमले के रूप में जांचा जाता है. फिलहाल किसी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है.

खैबर पख्तूनख्वाह में भी धमाका

इस बीच, देश के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वाह (Khyber Pakhtunkhwa) में रविवार को एक IED विस्फोट हुआ, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए. हमला हंगू जिले में पुलिस काफिले को निशाना बनाकर किया गया था.

इस हमले के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) या अन्य चरमपंथी गुटों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है. खैबर पख्तूनख्वाह के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, "जो लोग ऐसे कायराना हमलों में शामिल हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. राज्य अपने सुरक्षाकर्मियों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाने देगा."

उन्होंने पुलिस को इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज करने और घायलों के बेहतर इलाज के आदेश दिए.

लगातार बढ़ रहे आतंकी हमले

पाकिस्तान में बीते कुछ महीनों में आतंकी हमलों और विस्फोटों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वाह और बलूचिस्तान में TTP और इस्लामिक स्टेट (ISIS-K) से जुड़े समूहों ने सुरक्षा बलों और पुलिस ठिकानों को निशाना बनाया है.

अगस्त से अक्टूबर 2025 के बीच पाकिस्तान में करीब 60 से अधिक आतंकी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है.

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