Iran Blast: अमेरिका के साथ लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी तटीय शहर बंदर अब्बास में शनिवार को एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी. इस धमाके में कम से कम चार लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है. विस्फोट से रिहायशी इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बीते कई हफ्तों से ईरान को लेकर आक्रामक बयान और सैन्य कार्रवाई की चेतावनियां दी जा रही हैं.
आठ मंजिला इमारत में हुआ धमाका
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, यह विस्फोट शनिवार को बंदर अब्बास के मोअल्लेम बुलेवार्ड इलाके में हुआ. धमाका एक आठ मंजिला इमारत में हुआ, जिससे इमारत की कम से कम दो मंजिलें पूरी तरह ढह गईं. आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और नजदीकी दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है.
राज्य टेलीविजन पर दिखाई गई तस्वीरों में इमारत की सामने की दीवार पूरी तरह उड़ चुकी है, जिससे अंदर का हिस्सा साफ नजर आ रहा है. चारों ओर मलबा बिखरा हुआ है और घटनास्थल पर धुएं के गुबार देखे गए.
Major explosion reported in a building in Azadegan district, Bandar Abbas (Iran).
— TRIDENT (@TridentxIN) January 31, 2026
Local reports cite an unusually intense blast sound. pic.twitter.com/NfB4gEuphn
बचाव कार्य जारी, कारण अब तक अज्ञात
धमाके की सूचना मिलते ही बचाव दल और अग्निशमन टीमें मौके पर पहुंच गईं. राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं. ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने होर्मोजगान प्रांत के संकट प्रबंधन निदेशक मेहरदाद हसनजादेह के हवाले से बताया कि विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है.
उन्होंने कहा कि घायल लोगों को आपातकालीन सेवाओं की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया है. हालांकि शुरुआती बयान में मौतों की पुष्टि नहीं की गई थी, लेकिन बाद में कुछ रिपोर्टों में कम से कम चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है.
तेल और व्यापार के लिहाज से बेहद अहम है बंदर अब्बास
बंदर अब्बास ईरान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दक्षिणी बंदरगाह है. यह शहर न केवल घरेलू व्यापार बल्कि तेल निर्यात के लिए भी प्रमुख केंद्र माना जाता है. इसी कारण यहां किसी भी तरह की बड़ी घटना को रणनीतिक दृष्टि से भी गंभीर माना जाता है. अन्य ईरानी मीडिया संस्थानों ने भी विस्फोट की पुष्टि की है, हालांकि किसी ने भी इसके पीछे की वजह को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी है.
IRGC कमांडर को निशाना बनाने की खबरें खारिज
इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ रिपोर्ट्स वायरल हुईं, जिनमें दावा किया गया कि यह धमाका ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के नौसेना कमांडर को निशाना बनाकर किया गया था. हालांकि, सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी ने इन दावों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है. तस्नीम के मुताबिक, ऐसी खबरों का कोई आधार नहीं है और फिलहाल विस्फोट को किसी विशेष सैन्य लक्ष्य से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगी.
बढ़ते तनाव के बीच हुई घटना
यह विस्फोट ऐसे समय पर हुआ है जब ईरान पहले से ही गंभीर आंतरिक और बाहरी दबावों का सामना कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद अमेरिका ने क्षेत्र में एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप समेत अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है. इसके अलावा, ईरान के भीतर भी दिसंबर 2025 के अंत से राष्ट्रव्यापी अशांति की खबरें सामने आती रही हैं. ऐसे में बंदर अब्बास में हुआ यह धमाका कई सवाल खड़े कर रहा है.
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