ओल्ड ट्रैफर्ड पर कलाई की जादूगरी दिखाएगा ये भारतीय गेंदबाज, मैनचेस्टर में इंग्लैंड की बैजबॉल होगा नाकाम!

भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में फिलहाल 1-2 से पीछे है, और अब सबकी निगाहें मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड पर टिकी हैं, जहां चौथा टेस्ट मैच खेला जाना है.

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IND vs ENG Test: भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में फिलहाल 1-2 से पीछे है, और अब सबकी निगाहें मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड पर टिकी हैं, जहां चौथा टेस्ट मैच खेला जाना है. पिछले मुकाबले में मिली 22 रनों की करीबी हार के बाद अब टीम इंडिया बदलाव की ओर इशारा कर रही है, खासतौर पर गेंदबाजी संयोजन में. तेज गेंदबाजों की थकान और चोटों की पृष्ठभूमि में अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि भारत स्पिन विभाग पर ज्यादा भरोसा दिखा सकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या कुलदीप यादव को मौका मिलेगा?

स्पिन ट्रायो का ट्रंप कार्ड?

ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिनरों को भी रफ्तार मिलती है. इंग्लैंड के नियमित स्पिनर शोएब बशीर चोट के कारण बाहर हो चुके हैं और उनकी जगह डॉसन को बुलाया गया है. इस स्थिति में भारत तीन स्पिनरों के साथ उतरने पर गंभीरता से विचार कर रहा है, रविंद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर और कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव.

विशेषज्ञों की राय भी यही है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि मैनचेस्टर की पाटा विकेटें स्पिनरों के लिए मुफीद हो सकती हैं. साथ ही, भारतीय पूर्व क्रिकेटर फारुख इंजीनियर का मानना है कि कुलदीप को नीतीश रेड्डी की जगह टीम में मौका मिलना चाहिए.

बुमराह की थकान, अर्शदीप की चोट

भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण भी फिलहाल चिंता का विषय बना हुआ है. जसप्रीत बुमराह को कार्यभार प्रबंधन के चलते एक टेस्ट में आराम दिया जा सकता है, जबकि अर्शदीप सिंह अभ्यास सत्र में चोटिल हो चुके हैं. ऐसे में अगर बुमराह नहीं खेलते हैं, तो भारत के पास सीमित विकल्प बचते हैं. आकाश दीप और प्रसिद्ध कृष्णा में से किसी एक को चुना जा सकता है, जबकि कुलदीप यादव की वापसी लगभग तय मानी जा रही है.

बैजबॉल के खिलाफ ‘गुगली’ का जवाब?

इंग्लैंड की बैजबॉल रणनीति तेज रन बनाने पर केंद्रित है, लेकिन कुलदीप यादव की गुगली और वैरायटी उस पर ब्रेक लगाने में कारगर हो सकती है. उन्होंने अब तक इंग्लैंड के खिलाफ 6 टेस्ट मैचों में 21 विकेट लिए हैं, जिनमें पिछले साल धर्मशाला में 7 विकेट का प्रदर्शन शामिल है.

कुलदीप ने हाल ही में अभ्यास सत्र में भी करुण नायर और अभिमन्यु ईश्वरन को जमकर गेंदबाजी की, जिससे उनके आत्मविश्वास का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. हालांकि वह पिछले तीन टेस्ट मैचों से प्लेइंग-11 से बाहर हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि उन्हें इंग्लिश बल्लेबाजों के खिलाफ एक बार फिर आज़माया जाए.

विदेश में लगातार अनदेखी, अब मिलेगा पूरा मौका?

कुलदीप ने 2017 में टेस्ट डेब्यू किया था लेकिन सात साल बाद भी उनके खाते में सिर्फ 13 टेस्ट हैं.  विदेशी दौरों पर टीम मैनेजमेंट अक्सर एक ही स्पिनर को तरजीह देता आया है, और उसमें भी जडेजा या अश्विन को प्राथमिकता दी जाती रही है. अब जबकि अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और बुमराह की उपलब्धता पर संदेह बना हुआ है, यह सही समय है जब कुलदीप को पूरी श्रृंखला में अहम भूमिका दी जाए.

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