मैनचेस्टर में 6 भारतीय बल्लेबाजों का नहीं खुला था खाता, 11 साल बाद क्या बदला ले पाएगी टीम इंडिया?

साल 2014... तारीख 9 अगस्त. मौका था इंग्लैंड दौरे का और मैदान था मैनचेस्टर का ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम. लेकिन यह कोई आम टेस्ट मैच नहीं था, यह वो दिन था जब भारतीय बल्लेबाजी मानो बिखर गई थी.

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Manchester Test: साल 2014... तारीख 9 अगस्त. मौका था इंग्लैंड दौरे का और मैदान था मैनचेस्टर का ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम. लेकिन यह कोई आम टेस्ट मैच नहीं था, यह वो दिन था जब भारतीय बल्लेबाजी मानो बिखर गई थी. ब्रॉड-एंडरसन की गेंदें सिर्फ विकेट नहीं ले रहीं थीं, वो भारत के आत्मविश्वास को भी तोड़ रही थीं. अब 11 साल बाद, वही मैनचेस्टर एक बार फिर तैयार है. तारीख है 23 जुलाई 2025, और इस बार भारतीय टीम के साथ नया जोश है, नया खून है और कोच गौतम गंभीर, जो उस शर्मनाक हार के गवाह थे, अब इस हार का हिसाब चुकता करने मैदान पर होंगे.

वो भुला न सकने वाला टेस्ट

इस मुकाबले की कहानी डराने वाली है. भारतीय टीम की कमान उस समय महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में थी. टॉस जीतकर उन्होंने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन यह निर्णय कुछ ही ओवरों में गलत साबित हो गया. भारत ने 63 रन तक आते-आते अपने 6 विकेट गंवा दिए और सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि टीम के 6 बल्लेबाज अपना खाता तक नहीं खोल सके.

मुरली विजय - 0

चेतेश्वर पुजारा - 0

विराट कोहली - 0

रविंद्र जडेजा - 0

भुवनेश्वर कुमार - 0

पंकज सिंह - 9 गेंद, 0 रन

गौतम गंभीर ने 4 रन बनाए, और स्टुअर्ट ब्रॉड ने महज 25 रन देकर 6 विकेट लेकर पूरी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. एंडरसन ने भी 3 विकेट लेकर भारतीय टीम को महज 152 रन पर समेट दिया.

 इंग्लैंड का जवाब

इंग्लैंड ने इसके जवाब में 367 रन ठोक दिए. जो रूट, ईयान बेल और बटलर ने अर्धशतक जमाकर यह साफ कर दिया कि ये टेस्ट एकतरफा होने जा रहा है. भारत को 215 रन से पीछे रहते हुए फॉलोऑन खेलना पड़ा, लेकिन कहानी यहां भी नहीं बदली. दूसरी पारी में मोईन अली के 4 विकेट और एंडरसन-जॉर्डन की धारदार गेंदबाजी ने भारत को 161 पर समेट दिया.

तीन दिन में खत्म हुआ था टेस्ट

इस मैच की सबसे बड़ी हैरानी की बात यह रही कि टेस्ट सिर्फ तीन दिन में खत्म हो गया था. भारत को मिली थी पारी और 54 रन से हार, एक ऐसी हार जिसे आज भी क्रिकेट प्रेमी भूले नहीं हैं.

अब 2025 का मैनचेस्टर टेस्ट 

अब जबकि गौतम गंभीर बतौर कोच टीम इंडिया के साथ फिर से मैनचेस्टर पहुंचेंगे, यह केवल एक और टेस्ट नहीं होगा. यह एक मौका होगा इतिहास बदलने का. एक जवाब होगा उस अपमानजनक हार का, जो शायद विराट, रहाणे, या गंभीर जैसे खिलाड़ियों के ज़ेहन में आज भी ताजा है.

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