अनजाने में फेमस एक्ट्रेस को किया इग्नोर...तस्वीर वायरल होने पर बदल गई किस्मत; यूजर्स बोले- ये नियति का खेल

कभी-कभी सोशल मीडिया एक साधारण से पल को इतनी बड़ी कहानी में बदल देता है कि असलियत पीछे छूट जाती है. Game of Thrones की मशहूर अभिनेत्री मेसी विलियम्स की एक पुरानी तस्वीर भी ऐसी ही एक मिसाल है.

man sit with famous actress maisie williams photo gets viral
Image Source: Social Media

कभी-कभी सोशल मीडिया एक साधारण से पल को इतनी बड़ी कहानी में बदल देता है कि असलियत पीछे छूट जाती है. Game of Thrones की मशहूर अभिनेत्री मेसी विलियम्स की एक पुरानी तस्वीर भी ऐसी ही एक मिसाल है. जर्मनी की ट्रेन में बैठी मेसी के पास एक भारतीय युवक बैठा था, और यही तस्वीर सालों बाद फिर से इंटरनेट पर छा गई—इस बार एक नई, पूरी तरह काल्पनिक कहानी के साथ.

X (पूर्व ट्विटर) पर साझा की गई इस फोटो में मेसी विलियम्स बिज़ी ट्रेन में बैठी दिखाई देती हैं. उनके बिल्कुल पास बैठे भारतीय मूल के युवक को शायद अंदाज़ा भी नहीं था कि उसके बगल में दुनिया की सबसे लोकप्रिय टीवी सीरीज़ की स्टार बैठी है. सोशल मीडिया ने जैसे ही इस फोटो को उठाया, इसे एक नई भावनात्मक कहानी से जोड़ दिया—“युवक को मेसी ने पहचाना, एक मैगज़ीन ने उसे खोज निकाला, उसकी ज़िंदगी बदल गई.” लोगों की प्रतिक्रियाएँ भी उतनी ही दिलचस्प थीं—किसी ने लिखा वह पछताएगा कि सेल्फी क्यों नहीं ली, किसी ने इस पल को ‘डेस्टिनी का खेल’ बता दिया. लेकिन सच्चाई इससे बिलकुल अलग है.

Grok AI ने तोड़ा वायरल कहानी का जादू

X के AI टूल Grok से जब इस कहानी की सच्चाई पूछी गई, तो वह पूरी कहानी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. AI ने साफ कर दिया कि तस्वीर असली है, लेकिन नौकरी, जर्मन मैगज़ीन और रेज़िडेंस परमिट वाली कहानी पूरी तरह फर्जी है. असल तस्वीर सात साल पहले Reddit पर पोस्ट की गई थी. मेसी उसी दौरान जर्मनी में यात्रा करते हुए इसी ट्रेन में दिखी थीं. वायरल तस्वीर में उनके चेहरे को हल्का एडिट भी किया गया है, जबकि Reddit वाली तस्वीर बिल्कुल सामान्य और बिना बदलाव की है.

सोशल मीडिया का नया दावा—तस्वीर में दिखी ‘सोफी टर्नर’?

तस्वीर के पीछे कांच में दिख रहे प्रतिबिंब ने इंटरनेट को एक और नया प्लॉट दे दिया. कई यूज़र्स ने दावा किया कि कांच में दिख रही परछाई सोफी टर्नर जैसी लगती है—यानी Game of Thrones की दूसरी स्टार भी उसी ट्रेन में हो सकती हैं. लेकिन इस दावे का कोई सबूत मौजूद नहीं है. यह भी उसी ‘वायरल कल्पना’ का हिस्सा है जो अक्सर किसी भी रोचक तस्वीर से जुड़ जाती है. वायरल हुई ‘भारतीय युवक की संघर्ष से सफलता’ वाली कहानी

सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि युवक भारत से था, जर्मनी में अवैध तरीके से रह रहा था, उसके पास नौकरी नहीं थी, और मेसी के बगल में बैठे होने की तस्वीर वायरल होने के बाद जर्मनी की मशहूर मैगज़ीन Der Spiegel ने उसे खोजकर नौकरी दे दी. कहा गया कि नौकरी मिलते ही उसे रेज़िडेंस परमिट भी मिल गया और उसकी ज़िंदगी बदल गई. जांच और उपलब्ध जानकारी के अनुसार फोटो असली है, लेकिन बाकी कहानी एकदम काल्पनिक है. किसी मैगज़ीन द्वारा खोजने, नौकरी देने या परमिट मिलने की कोई पुष्टि नहीं मिलती.

असल कहानी क्या है?

Reddit पर पोस्ट करने वाले यूज़र के अनुसार यह हर दिन होने वाली एक बिल्कुल सामान्य घटना थी. जर्मनी की एक ट्रेन में मेसी विलियम्स कुछ देर के लिए इस सीट पर बैठीं और फिर यात्रा जारी रखीं. उनके पास बैठे युवक ने उन्हें पहचाना या नहीं—इस बारे में कोई जानकारी नहीं. न युवक की पहचान मालूम है, न मेसी की यात्रा का उद्देश्य. लेकिन सोशल मीडिया ने इसे एक ‘इमोशनल सफलता’ की कहानी में बदल दिया.

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