इंडिगो के पास सिर्फ 24 घंटे..'अगर जवाब नहीं मिला तो...',DGCA ने CEO को जारी किया कारण बताओ नोटिस

Indigo Disruption: देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स—दिल्ली, मुंबई और चेन्नई पर शनिवार का दिन यात्रियों के लिए बेहद मुश्किलों भरा साबित हुआ. इंडिगो की दर्जनों फ्लाइट्स अचानक रद्द हो गईं, जिससे हजारों लोग घंटों टर्मिनल पर फंसे रहे.

Indigo Disruption Government order to give reason in 24 hours
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Indigo Disruption: देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स—दिल्ली, मुंबई और चेन्नई पर शनिवार का दिन यात्रियों के लिए बेहद मुश्किलों भरा साबित हुआ. इंडिगो की दर्जनों फ्लाइट्स अचानक रद्द हो गईं, जिससे हजारों लोग घंटों टर्मिनल पर फंसे रहे. कई यात्रियों की यात्रा योजनाएं बिगड़ गईं और सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई. स्थिति इतनी खराब हो गई कि सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा और DGCA ने सीधे इंडिगो के CEO को नोटिस जारी कर दिया.


DGCA ने अपने नोटिस में साफ कहा कि इंडिगो की इस अव्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे एयरलाइन के शीर्ष प्रबंधन पर है. नियामक संस्था ने CEO से पूछा है कि इतने बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और यात्री असुविधा के बावजूद कंपनी के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. DGCA का कहना है कि CEO का दायित्व है कि एयरलाइन का संचालन पूरी तरह सुचारू और व्यवस्थित रहे, लेकिन इंडिगो इस मूलभूत जिम्मेदारी को निभाने में असफल रही. अब CEO को 24 घंटे के भीतर जवाब देना होगा, अन्यथा DGCA अपनी ओर से कठोर कदम उठाएगी.

ऑपरेशनल मैनेजमेंट में गंभीर तैयारी की कमी

DGCA के अनुसार इस संकट की मुख्य वजह इंडिगो का revised Flight Duty Time Limit (FDTL) नियमों के लिए पर्याप्त तैयारी न करना है. नए नियमों के अनुसार पायलटों और क्रू की ड्यूटी घंटों की संरचना में बदलाव किया गया, लेकिन एयरलाइन इस बदलाव को संभालने के लिए आवश्यक प्लानिंग और स्टाफ मैनेजमेंट नहीं कर पाई. इसके चलते भारी संख्या में फ्लाइट्स प्रभावित हुईं और एयरलाइन का पूरा शेड्यूल अस्त-व्यस्त हो गया. DGCA का कहना है कि यह स्थिति इंडिगो की आंतरिक सिस्टम विफलताओं और संसाधनों की खराब योजना का नतीजा है.

यात्रियों को समय पर जानकारी न देना भी बना बड़ा मुद्दा

DGCA के नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि इंडिगो ने यात्रियों को फ्लाइट देरी और कैंसिलेशन की जानकारी समय रहते नहीं दी. कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ही पता चला कि उनकी फ्लाइट रद्द हो चुकी है. यह स्थिति लोगों के लिए और अधिक तनावपूर्ण बन गई, क्योंकि न तो वैकल्पिक व्यवस्था दी गई और न ही उचित सहायता. DGCA ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया है.

एयरलाइन पर बढ़ सकता है दबाव, कार्रवाई के आसार तेज

निगरानी एजेंसी की कड़ी भाषा और नोटिस के स्वर से संकेत साफ है कि इंडिगो पर बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक रही है. यदि CEO का जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो DGCA एयरलाइन पर भारी पेनल्टी या प्रशासनिक प्रतिबंध लगाने तक का कदम भी उठा सकती है. फिलहाल सभी की नजरें DGCA द्वारा मांगे गए जवाब और इंडिगो की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं.

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