मलेशिया की वायुसेना को गुरुवार रात एक बड़ी क्षति का सामना करना पड़ा जब उसका एक शक्तिशाली फाइटर जेट F/A-18D हॉर्नेट टेक-ऑफ के दौरान हादसे का शिकार हो गया. यह दुर्घटना रात 9:05 बजे कुआंटन स्थित सुल्तान हाजी अहमद शाह एयरपोर्ट के रनवे पर हुई, जिससे पूरे सैन्य तंत्र में हड़कंप मच गया.
रॉयल मलेशियन एयर फोर्स (RMAF) की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया. घटना के एक वायरल वीडियो में देखा गया कि रात के अंधेरे में फाइटर जेट तेज गति से रनवे पर दौड़ रहा था और थ्रस्ट के कारण तेज रोशनी निकल रही थी. लेकिन जैसे ही विमान उड़ान भरने वाला था, उसके इंजन में अचानक आग लग गई.
टेक-ऑफ के वक्त इंजन में लगी आग, पायलटों ने की आपात इजेक्शन
स्थिति को गंभीर होता देख दोनों पायलटों ने तुरंत इजेक्शन सिस्टम का उपयोग कर खुद को विमान से बाहर निकाल लिया. दोनों को सेना की एम्बुलेंस के माध्यम से गंभीर हालत में तेंगकु अम्पुआन अफजान हॉस्पिटल (HTAA), कुआंटन ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
अस्पताल में हाई अलर्ट, पायलटों की स्थिति पर सस्पेंस
हालांकि पायलटों की स्थिति के बारे में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन वायुसेना और सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल में मौजूद रहकर हालात पर करीबी नजर रख रहे हैं. वहीं, घटना के बाद एयरबेस और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. वायुसेना ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से साझा न करें.
F/A-18D हॉर्नेट: मलेशिया की हवाई ताकत का अहम हिस्सा
F/A-18D हॉर्नेट फाइटर जेट अमेरिका द्वारा विकसित एक दो-सीटर मल्टीरोल विमान है, जिसे मूल रूप से मैकडोनल डगलस ने तैयार किया था और अब इसे बोइंग द्वारा निर्मित किया जाता है. यह जेट दिन और रात, हर मौसम में मिशन को अंजाम देने में सक्षम है. इसका आगे वाला पायलट विमान की उड़ान नियंत्रित करता है, जबकि पिछली सीट पर बैठा दूसरा पायलट हथियार प्रणाली, रडार और मिशन ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालता है.
इसकी प्रमुख खूबियों में शामिल हैं
मलेशिया ने अमेरिका से लिए थे ये विमान
मलेशिया ने 1997 से 1999 के बीच अमेरिका से 8 F/A-18D हॉर्नेट जेट खरीदे थे, जो अब भी उसकी रॉयल एयर फोर्स की रीढ़ माने जाते हैं. इन विमानों ने कई वर्षों से मलेशिया की हवाई रक्षा को मजबूती दी है और देश की सामरिक स्थिति को मजबूत बनाए रखा है.
दुर्घटना की जांच शुरू
फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच का जिम्मा वायुसेना के उच्च अधिकारियों को सौंपा गया है. प्रारंभिक जांच में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक वजह सामने आ सकेगी.
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