Makar Sakranti 2026: भूल से भी न कीजिए मकर सक्रांति वाले दिन ये काम, हो सकती है धन हानि!

    Makar Sakranti 2026: मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांड के संतुलन से जुड़ा विशेष दिन माना जाता है. इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण की शुरुआत होती है, जिसे शुभता, ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना गया है.

    Makar Sankranti 2026 do not do these mistakes to avoid money loss
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    Makar Sakranti 2026: मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांड के संतुलन से जुड़ा विशेष दिन माना जाता है. इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण की शुरुआत होती है, जिसे शुभता, ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर किया गया दान, जप और आचरण पूरे वर्ष के भाग्य को प्रभावित करता है. ऐसे में इस दिन कुछ गलतियां करने से सुख-समृद्धि की जगह समस्याएं जीवन में प्रवेश कर सकती हैं. शास्त्रों और ज्योतिष में इस दिन कुछ कार्यों को वर्जित बताया गया है. आइए जानते हैं उन जरूरी बातों के बारे में, जिनसे मकर संक्रांति पर दूरी बनाकर रखना बेहद जरूरी है.

    मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं, यानी उनकी गति उत्तर दिशा की ओर होती है. ऐसे में इस दिन दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता. मान्यता है कि इससे यात्रा में बाधाएं, धन से जुड़ी परेशानी या अनावश्यक तनाव उत्पन्न हो सकता है. यदि किसी कारणवश यात्रा टालना संभव न हो, तो सूर्य देव को प्रातः जल अर्पित कर मंत्र जाप करने की सलाह दी जाती है. इस दिन उत्तर या पूर्व दिशा में जाना अधिक शुभ फलदायी माना गया है.

    काले तिल का दान करने से करें परहेज

    हालांकि मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व है, लेकिन इस दिन काले तिल के दान को लेकर सावधानी बरतने की बात कही गई है. काले तिल का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है, जबकि मकर संक्रांति पर सूर्य की प्रधानता रहती है. ऐसे में काले तिल का दान सूर्य और शनि के बीच टकराव बढ़ा सकता है, जिसका असर आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है. बेहतर होगा कि सफेद तिल, गुड़, खिचड़ी या मिठाई का दान किया जाए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

    तामसिक भोजन से बनाएं दूरी

    मकर संक्रांति को सात्विकता का पर्व माना जाता है. इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज और भारी भोजन का सेवन करना अशुभ समझा जाता है. मान्यता है कि तामसिक आहार सूर्य की शुभ ऊर्जा को कमजोर करता है, जिससे स्वास्थ्य और मन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. इस दिन सादा, सात्विक और पौष्टिक भोजन जैसे खिचड़ी, दाल-चावल, गुड़ और तिल से बनी चीजें ग्रहण करना लाभकारी माना गया है.

    क्रोध, झूठ और नकारात्मकता से रहें दूर

    सूर्य देव को सत्य, प्रकाश और अनुशासन का प्रतीक माना गया है. मकर संक्रांति के दिन झूठ बोलना, गुस्सा करना या किसी के प्रति कटु वचन कहना अशुभ फल दे सकता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन नकारात्मक व्यवहार करने से पारिवारिक तनाव और मानसिक अशांति बढ़ सकती है. इसलिए इस पर्व पर संयम, शांति और सकारात्मक सोच बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है. सूर्य मंत्रों का जाप और ध्यान मन को स्थिर रखने में सहायक होता है.

    दान और पूजा में न करें लापरवाही

    मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व है, लेकिन दान करते समय सही वस्तुओं का चयन जरूरी माना गया है. इस दिन काले वस्त्र या अशुभ मानी जाने वाली चीजों का दान करने से बचना चाहिए. सफेद कपड़े, अन्न, गुड़, तिल के लड्डू या खिचड़ी का दान शुभ फल देता है. सूर्य देव को अर्घ्य देते समय लाल फूल, लाल चंदन और गुड़ का प्रयोग करना शुभ माना गया है. सही विधि से की गई पूजा और दान जीवन में स्थिरता और समृद्धि लाते हैं. मकर संक्रांति का पर्व सही आचरण, संयम और सकारात्मक सोच के साथ मनाया जाए तो यह पूरे वर्ष के लिए शुभ संकेत बन सकता है. इन बातों का ध्यान रखकर आप न केवल धार्मिक पुण्य अर्जित कर सकते हैं, बल्कि जीवन में सुख-शांति और आर्थिक संतुलन भी बनाए रख सकते हैं.

    डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं और सामान्य ज्योतिषीय विश्वासों पर आधारित हैं. इनकी पुष्टि का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.

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