Middle East Tensions: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम एक अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर से जुड़ी घटना के जवाब में उठाया गया है. इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता पर भी असर पड़ सकता है.
CENTCOM ने दी कार्रवाई की जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई शुरू की है. CENTCOM के मुताबिक यह कदम अमेरिकी सैन्य संपत्तियों पर हुए कथित हमले के जवाब में उठाया गया.
U.S. Central Command (CENTCOM) forces began launching self-defense strikes against Iran at 5 p.m. ET today at the Commander in Chief’s direction, in response to yesterday’s downing of a U.S. Army Apache helicopter. The mission is a proportional response to unjustified Iranian…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 9, 2026
हेलीकॉप्टर घटना को लेकर बढ़ा विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज क्षेत्र में गश्त के दौरान एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ. हेलीकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हेलीकॉप्टर की दुर्घटना में एक ईरानी ड्रोन की भूमिका हो सकती है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह जानबूझकर किया गया हमला था या एक दुर्घटना. इसी घटना के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई का फैसला लिया.
ईरान ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने किसी अमेरिकी हेलीकॉप्टर को निशाना नहीं बनाया. ईरान का आरोप है कि अमेरिका इस तरह के आरोप लगाकर सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है.
एयर डिफेंस और रडार सिस्टम बने निशाना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी हमलों में ईरान के कई एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया. होर्मुज क्षेत्र के आसपास कई धमाकों की खबरें सामने आई हैं. ईरानी सरकारी मीडिया ने भी कुछ इलाकों में हमले और विस्फोट होने की पुष्टि की है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक केशम द्वीप, सिरिक और बंदर अब्बास के आसपास भी गतिविधियां देखी गईं. हालांकि हमलों से हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
दो महीने बाद बड़ा सैन्य टकराव
विश्लेषकों का मानना है कि पिछले दो महीनों में यह सबसे बड़ा सैन्य टकराव है. इससे पहले क्षेत्र में संघर्षविराम लागू होने के बाद हालात कुछ हद तक शांत थे. लेकिन हाल की घटनाओं ने एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है.
शांति समझौते पर बनी अनिश्चितता
तनाव बढ़ने के बावजूद व्हाइट हाउस का कहना है कि शांति समझौते की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि आने वाले दिनों में समझौते की दिशा में प्रगति हो सकती है.
हालांकि ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाइयों से यह संदेश नहीं मिलता कि वह बातचीत और स्थायी शांति के लिए गंभीर है. ऐसे में पश्चिम एशिया में हालात फिलहाल तनावपूर्ण बने हुए हैं.
ये भी पढ़ें- 'होर्मुज के पास ईरान ने अमेरिकी हेलिकॉप्टर गिराया', डोनाल्ड ट्रंप बोले - हम जरूर देंगे जवाब