ईरान वार्ता में पाकिस्तान को बड़ा झटका, ट्रंप ने सऊदी, UAE और कतर को बोली बड़ी बात, जानें पूरी जानकारी

US-Iran Talks: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झटका लगा है. इस बार मामला अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से जुड़ा है. पिछले कुछ समय से पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच संभावित मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा था.

Major setback for Pakistan regarding Iran talks Trump makes significant remarks to Saudi Arabia the UAE  Qatar
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US-Iran Talks: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झटका लगा है. इस बार मामला अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से जुड़ा है. पिछले कुछ समय से पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच संभावित मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा था. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने पाकिस्तान की इस उम्मीद को बड़ा झटका दिया है.

ट्रंप ने किन देशों का लिया नाम?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की तरफ से बातचीत की पहल हुई है और समझौते को लेकर चर्चा चल रही है. उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर की भूमिका है. हालांकि, ट्रंप ने अपने बयान में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के अनुरोध पर बातचीत कर रहा है और इसमें क्षेत्र के कुछ देश मदद कर रहे हैं.

पाकिस्तान की कोशिशों को झटका

ट्रंप के इस बयान को पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. पाकिस्तान लंबे समय से यह दिखाने की कोशिश कर रहा था कि वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में भूमिका निभा सकता है.

इसके साथ ही पाकिस्तान अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को बेहतर बनाने की भी कोशिश कर रहा था, लेकिन ट्रंप के बयान से साफ संकेत मिला कि इस प्रक्रिया में पाकिस्तान को कोई प्रमुख भूमिका नहीं मिली.

पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान दोनों ही पाकिस्तान की भूमिका को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. ईरान पहले भी पाकिस्तान की नीतियों और उसके अमेरिका के साथ करीबी संबंधों पर सवाल उठा चुका है. वहीं अमेरिका के कुछ नेताओं ने भी पाकिस्तान की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई है.

अमेरिका के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पहले दावा किया था कि ईरान के कुछ सैन्य विमान पाकिस्तान के एयरबेस पर मौजूद हैं. इस बयान के बाद पाकिस्तान की भूमिका पर और सवाल उठे थे.

हथियारों की सप्लाई को लेकर भी चर्चा

हाल के दिनों में कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि पाकिस्तान, चीन और ईरान के बीच हथियारों की सप्लाई में अहम भूमिका निभा रहा है. इन रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन और ईरान के बीच हुए कुछ समझौतों के तहत पाकिस्तान अपने क्षेत्र का इस्तेमाल करके चीनी एयर डिफेंस सिस्टम ईरान तक पहुंचाने में मदद कर रहा है. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक कड़ा संदेश भी दिया. उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु समझौते को स्वीकार करने का शायद आखिरी मौका है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो स्थिति और खराब हो सकती है. उन्होंने कहा कि वह ईरान को बर्बादी से पहले एक आखिरी मौका देना चाहते हैं ताकि वह एक अच्छा समझौता कर सके.

ईरान ने बातचीत से किया इनकार

दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी औपचारिक बातचीत होने से इनकार किया है. ऐसे में दोनों देशों के बीच बातचीत और संभावित समझौते को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है.

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