Chhattisgarh Cabinet Decisions: बुधवार को छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की एक अहम बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित की गई. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जो राज्य के विकास को नई दिशा देंगे. बैठक के दौरान राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के लिए अहम निर्णय लिए गए, जिनमें शिक्षा, उद्योग, और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी नीतियों को लागू करने का प्रस्ताव किया गया. बैठक में आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया.
नवा रायपुर में उच्च शैक्षणिक संस्थान की स्थापना
राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति लाने के लिए नवा रायपुर अटल नगर में एक उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि लीज पर देने की स्वीकृति दी गई है. इस संस्थान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा. एसवीकेएम, जो पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम है, अपने अनुभव और संसाधनों के साथ इस नई पहल को सफल बनाएगा.
उद्यमिता और तकनीकी विकास को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने नवा रायपुर में 4 नए उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ समझौता किया है. इन केंद्रों के जरिए राज्य में आईटी और आईटीईएस उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे तकनीकी स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को नई दिशा मिलेगी. इसके साथ ही, एआई, मेडटेक और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ को एक नए विकास की ओर ले जाया जाएगा.
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा
इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है. इस केंद्र का उद्देश्य 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई को हर वर्ष आवश्यक सहायता प्रदान करना होगा. यह केंद्र राज्य में तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा.
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में कदम
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार को प्राथमिकता देते हुए मंत्रिपरिषद ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्णय लिए हैं. जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब की प्रभावी संचालन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. इसके साथ ही, जांच की संख्या बढ़ाने और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे.
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