Somnath Amrit Mahotsav: सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित ‘अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi शामिल हुए. इस मौके पर 11 पवित्र तीर्थों से लाए गए जल से मंदिर का कुंभाभिषेक किया गया. इसके लिए विशेष कलश का इस्तेमाल हुआ. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने रोड शो भी किया.
इस भव्य आयोजन के बाद एक बार फिर सोमनाथ मंदिर के इतिहास को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. लोग जानना चाहते हैं कि इस मंदिर पर कितनी बार हमला हुआ और यहां से कितना सोना लूटा गया था.
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है सोमनाथ
सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है. शिव पुराण में भी इस मंदिर का उल्लेख मिलता है. मान्यता है कि मंदिर को सोने, चांदी और कीमती पत्थरों से सजाया गया था.
यही कारण था कि विदेशी आक्रमणकारियों की नजर हमेशा इस मंदिर पर बनी रही. इतिहासकारों के मुताबिक, सोमनाथ मंदिर पर करीब 17 बार हमला हुआ और कई बार इसे लूटा गया.
महमूद गजनवी ने किया था सबसे बड़ा हमला
इतिहास के अनुसार, सबसे बड़ा हमला तुर्क शासक महमूद गजनी ने किया था. साल 1026 में भीम प्रथम के शासनकाल के दौरान उसने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण किया. बताया जाता है कि इस हमले में मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा और ज्योतिर्लिंग को भी तोड़ दिया गया.
मंदिर से लूटा गया था भारी खजाना
कई इतिहासकारों के दावों के अनुसार, महमूद गजनवी मंदिर से बड़ी मात्रा में धन-दौलत लेकर गया था. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मंदिर के खजाने से करीब 6 टन सोना लूटा गया था. इसके अलावा हीरे, जवाहरात और कई कीमती रत्न भी लूटे गए थे. यही वजह है कि सोमनाथ मंदिर की लूट को इतिहास की सबसे बड़ी लूटों में गिना जाता है.
आज कितनी होगी उस सोने की कीमत?
अगर आज के समय में 6 टन सोने की कीमत का अनुमान लगाया जाए, तो यह रकम बेहद बड़ी होगी. मौजूदा सोने के भाव के हिसाब से इसकी कीमत करीब 9000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है.
हालांकि, यह सिर्फ सोने की अनुमानित कीमत है. अगर उस समय लूटे गए हीरे-जवाहरात और अन्य कीमती चीजों को भी शामिल किया जाए, तो इसकी कुल कीमत कई अरब डॉलर तक मानी जा सकती है.
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