MP Cabinet Decision: मध्य प्रदेश सरकार ने बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं. इस बैठक में किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाया गया, जिससे कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलने वाला मुआवजा अब दोगुना नहीं, बल्कि बाजार दर से चार गुना होगा. इसके अलावा, सरकार ने राज्य के विकास कार्यों के लिए कई योजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें सिंचाई, सड़क निर्माण और उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए बड़ी राशियों का आवंटन किया गया है. ये फैसले राज्य के किसानों और नागरिकों के लिए बड़ा लाभकारी साबित हो सकते हैं.
कृषि भूमि के अधिग्रहण पर मुआवजा चार गुना बढ़ाया
मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि भूमि के भूअर्जन पर गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को दोगुना करने के बजाय इसे अब चार गुना कर दिया है. इससे किसानों को अधिग्रहित कृषि भूमि के लिए मिलने वाला मुआवजा अब पहले से अधिक होगा. यह निर्णय राज्य भर की कृषि भूमि पर लागू होगा और इससे किसानों को न सिर्फ अधिक मुआवजा मिलेगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा. इसके साथ ही, नगरीय सीमा में मुआवजा गुणन कारक में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस फैसले के लिए एक उप-समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसे मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी.
आज कैबिनेट बैठक में “कृषि वर्ष 2026” के अंतर्गत किसान भाइयों के हित में बड़ा निर्णय किया।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 22, 2026
अब ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के अर्जन पर अन्नदाताओं को बाजार दर का 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। पहले यह दो गुना था।#CabinetMP pic.twitter.com/NvJ10o8NMw
सिंचाई और बुनियादी ढांचे के लिए भारी निवेश
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुल 33,985 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इसमें सिंचाई परियोजनाओं, सड़कों, पुलों और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं. खासतौर पर, छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के लिए पुनर्वास पैकेज में 969 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जो परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है. इसके अलावा, इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को 157 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है, जो 35 ग्रामों को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी. ये परियोजनाएं न केवल किसानों के लिए फायदेमंद होंगी, बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी योगदान करेंगी.
चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रुपये का आवंटन
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में उन्नत चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 5,479 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. इस राशि से प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों को उन्नत किया जाएगा और मण्डला में एक नया शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किया जाएगा. इसके साथ ही, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्थाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा. इस निर्णय से प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, और मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
निःशुल्क साइकिल योजना और अन्य योजनाएं
मंत्रिपरिषद ने ग्राम क्षेत्रों में शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान करने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना को 990 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. यह योजना 2026 से 2031 तक लगातार चलती रहेगी और बच्चों को उनके शैक्षिक सफर में सहारा देगी. इसके अलावा, शिक्षकों के प्रशिक्षण और संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी 1,200 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है.
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