समुद्र के अंदर तैनात होगा मेड इन इंडिया एंटी-सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम्स, अडानी की कंपनी ने की बड़ी डील

भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को एक नई दिशा मिल रही है. Adani Defence & Aerospace ने अमेरिकी रक्षा तकनीक कंपनी Sparton के साथ एक अहम रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

Made in India anti-submarine warfare systems will be deployed
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नई दिल्ली: भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को एक नई दिशा मिल रही है. Adani Defence & Aerospace ने अमेरिकी रक्षा तकनीक कंपनी Sparton के साथ एक अहम रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. यह साझेदारी भारतीय नौसेना के लिए एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW) सिस्टम्स—विशेष रूप से Sonobuoy—के स्थानीय उत्पादन और तैनाती को सुनिश्चित करेगी.

यह पहल भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों के तहत देश की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम है.

क्या है Sonobuoy और क्यों है महत्वपूर्ण?

Sonobuoy एक परिष्कृत अंडरवॉटर सेंसर सिस्टम होता है, जिसे विमान या हेलिकॉप्टर से समुद्र में गिराया जाता है. यह ध्वनि तरंगों के माध्यम से पानी के नीचे मौजूद पनडुब्बियों की स्थिति को डिटेक्ट और ट्रैक करता है.

यह तकनीक ‘Undersea Domain Awareness’ का एक अभिन्न हिस्सा है—जिससे नौसेना को गहराइयों में छिपे खतरों का समय रहते पता चलता है.

अब तक भारत को इस तकनीक के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था. लेकिन अडानी-स्पार्टन साझेदारी के बाद भारत में ही इन सिस्टम्स का विकास और निर्माण होगा.

आत्मनिर्भरता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा

Sparton, जो कि इजरायली रक्षा कंपनी Elbit Systems का हिस्सा है, पहले से ही भारतीय नौसेना के साथ सहयोग कर रही है. अब, इस नई साझेदारी के तहत, भारत में ही Sonobuoy और अन्य उन्नत ASW उपकरणों का डिजाइन, असेंबली और परीक्षण होगा.

Adani Defence इस उत्पादन के ज़रिए न केवल घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा, बल्कि भविष्य में रक्षा निर्यात की दिशा में भी एक नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा.

समुद्री रणनीति में अहम मोड़

अडानी एंटरप्राइज़ेज के वाइस प्रेसिडेंट जीत अडानी ने इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए कहा: "आज के भू-राजनीतिक परिदृश्य में समुद्री सुरक्षा सिर्फ एक सैन्य आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्र की संप्रभुता से जुड़ा विषय बन चुकी है."

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय नौसेना को ऐसे मिशन-रेडी, स्थानीय रूप से विकसित, और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समाधान चाहिए, जो युद्ध के हर स्तर पर प्रभावी सिद्ध हो सकें.

डोमेस्टिक डिफेंस इकोसिस्टम को बल

यह साझेदारी भारत में एक विश्वसनीय और तकनीकी रूप से सक्षम डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगी. इससे न केवल घरेलू नौसेना बलों को लाभ मिलेगा, बल्कि उद्योग, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों के लिए भी अवसर बढ़ेंगे.

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