हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर की नई कीमतें लागू होती हैं, और नवंबर 2025 की शुरुआत उपभोक्ताओं के लिए मिश्रित खबर लेकर आई है. इस बार जहां घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वहीं कमर्शियल सिलेंडरों के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. पिछले महीने हुए 15 रुपये के इजाफे के बाद नवंबर में यह घटकर 4.5 रुपये से 6.5 रुपये प्रति सिलेंडर तक कम हो गया है.
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) द्वारा जारी नवंबर के नए रेट के मुताबिक, देश के चारों महानगरों में कमर्शियल सिलेंडरों के दामों में थोड़ी राहत देखने को मिली है. दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर अब 1,590.50 रुपये में मिलेगा, जो पिछले महीने से 5 रुपये कम है. मुंबई में भी कीमत 5 रुपये घटकर 1,542 रुपये हो गई है. कोलकाता में सबसे अधिक 6.5 रुपये की गिरावट आई है, जिससे अब यहां कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,694 रुपये हो गई है. वहीं दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में 4.5 रुपये की कमी दर्ज की गई है, जहां अब यह 1,750 रुपये प्रति सिलेंडर में उपलब्ध है. यह गिरावट खास तौर पर होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए राहत लेकर आई है, क्योंकि त्योहारों के बाद का समय उनके लिए आर्थिक रूप से संवेदनशील रहता है.
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बने रहे स्थिर
आम उपभोक्ताओं के लिए हालांकि कोई राहत नहीं मिली है. घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें अप्रैल 2025 से अब तक जस की तस बनी हुई हैं. आखिरी बार 8 अप्रैल को एलपीजी के दामों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, और उसके बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ. वर्तमान में दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 853 रुपये है. कोलकाता में यह 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर बनी हुई है. लगातार सात महीने से दामों में कोई उतार-चढ़ाव न होना इस बात का संकेत है कि तेल कंपनियां फिलहाल बाजार में स्थिरता बनाए रखना चाहती हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर घरेलू कीमतों पर
विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर निर्भर हैं. हाल ही में अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा रूस की तेल और गैस कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भारत की निर्भरता मिडिल ईस्ट और अमेरिकी सप्लायर्स पर बढ़ गई है. इसके चलते आयात लागत में वृद्धि हुई है और साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर असर डाला है. इन दोनों वजहों से तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न डालने के लिए फिलहाल दाम स्थिर रखने का फैसला किया है.
ऊर्जा विशेषज्ञों की राय, निकट भविष्य में राहत की उम्मीद कम
ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं, तो एलपीजी की कीमतों में कमी मुश्किल है. हालांकि, सरकार ने त्योहारों के मौसम में उपभोक्ताओं पर बोझ न बढ़ाने का निर्णय लिया है. यही कारण है कि नवंबर में भी दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.
महंगाई के दौर में उपभोक्ताओं की चिंता
दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों में महंगाई पहले से ही लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है. रसोई गैस की कीमतें हर घर के बजट पर सीधा असर डालती हैं. ऐसे में लोग यह उम्मीद कर रहे हैं कि दिसंबर या जनवरी में सरकार घरेलू गैस पर कोई राहत दे सकती है. सब्सिडी वाले उपभोक्ता यह उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र सरकार सीमित एलपीजी सब्सिडी को फिर से लागू करे, ताकि लगातार बढ़ती जीवन-यापन लागत के बीच आम परिवारों को राहत मिल सके.
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