100 सालों बाद लगने वाला है सबसे लंबा सूर्यग्रहण, 6 मिनट तक छा जाएगा अंधेरा, इन देशों में दिखेगा असर

Longest Solar Eclipse: आकाश की अनंतता में कभी-कभी ऐसे दृश्य उभरते हैं जो विज्ञान से परे नहीं, लेकिन कल्पनाओं से भी आगे होते हैं. कुछ ऐसा ही नज़ारा वर्ष 2027 के अगस्त महीने में दिखाई देगा.

longest solar eclipse is going to happen after 100 years darkness will prevail for 6 minutes
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Longest Solar Eclipse: आकाश की अनंतता में कभी-कभी ऐसे दृश्य उभरते हैं जो विज्ञान से परे नहीं, लेकिन कल्पनाओं से भी आगे होते हैं. कुछ ऐसा ही नज़ारा वर्ष 2027 के अगस्त महीने में दिखाई देगा, जब एक दुर्लभ पूर्ण सूर्यग्रहण कई देशों में दिन के उजाले को अंधकार में बदल देगा.

वैज्ञानिकों के मुताबिक 2 अगस्त 2027 को जो पूर्ण सूर्यग्रहण लगेगा, वह न केवल इसकी लंबी अवधि के लिए जाना जाएगा, बल्कि इसलिए भी खास होगा क्योंकि यह इस सदी के सबसे लंबे ग्रहणों में से एक माना जा रहा है. अनुमान है कि यह सूर्यग्रहण करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक पूरी दुनिया को अपनी छाया में डुबोए रखेगा.

कहां दिखाई देगा सूर्यग्रहण

यह खगोलीय घटना यूरोप, उत्तर अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में स्पष्ट रूप से देखी जा सकेगी. विशेष रूप से मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, मिस्र, सूडान, सऊदी अरब और सोमालिया जैसे देशों में यह दिन में रात का आभास देगा. हालांकि भारत के लोग इस दृश्य का सीधा अनुभव नहीं कर पाएंगे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय वेधशालाएं और ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग इस अनुभव को सभी के लिए उपलब्ध करा सकती हैं.

ऐसा क्या है खास इस सूर्यग्रहण में?

रॉयल म्यूज़ियम ग्रीनविच के वरिष्ठ खगोलशास्त्री ग्रेग ब्राउन का कहना है कि यह ग्रहण असाधारण रूप से लंबा होगा. अमूमन पूर्ण सूर्यग्रहण कुछ सेकंड से लेकर 4–5 मिनट तक ही रहते हैं, लेकिन यह सूर्यग्रहण इससे भी अधिक समय तक चलेगा. उन्होंने यह भी बताया कि चंद्रमा और सूर्य के बीच की दूरी में होने वाला सूक्ष्म परिवर्तन इस तरह के खास ग्रहणों की वजह बनता है.

कैसे लगता है सूर्यग्रहण?

सूर्यग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और पृथ्वी तक सूर्य की रोशनी पहुंचने से रोकता है. यह केवल अमावस्या के दिन ही संभव होता है, जब तीनों खगोलीय पिंड एक सीधी रेखा में आ जाएं. सूर्यग्रहण तीन प्रकार के होते हैं, पूर्ण, आंशिक और वलयाकार. इस बार जो सूर्यग्रहण लगेगा, वह पूर्ण होगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा.

दृश्य जो रह जाएगा इतिहास में दर्ज

2 अगस्त 2027 का सूर्यग्रहण न केवल विज्ञान के छात्रों और खगोल प्रेमियों के लिए अद्भुत अवसर होगा, बल्कि यह आम लोगों के लिए भी एक ऐसा अनुभव होगा जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल होगा. जब दिन में अचानक अंधेरा छा जाएगा, तापमान में गिरावट महसूस होगी और पक्षी भी कुछ समय के लिए चुप हो जाएंगे, तो यह दृश्य एक चमत्कार से कम नहीं लगेगा.

इस ग्रहण को देखने के लिए दुनियाभर में वैज्ञानिकों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. यह एक ऐसा अवसर होगा जब धरती, चंद्रमा और सूर्य की अनूठी संगति सदी की सबसे खूबसूरत खगोलीय घटना में बदल जाएगी.

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