नई दिल्ली: भारत के संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को जानकारी दी कि लोकसभा में आगामी दिनों में दो अहम विषयों पर चर्चा होगी. एक तरफ 8 दिसंबर को 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर चर्चा होगी, वहीं 9 और 10 दिसंबर को चुनाव सुधारों पर विस्तृत बहस की जाएगी. यह घोषणा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक और कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक के बाद की गई है.
किरेन रिजिजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'आज लोकसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान, सोमवार 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से लोकसभा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर और मंगलवार 9 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से चुनाव सुधारों पर चर्चा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.'
During the All Party Meeting Chaired by Hon'ble Speaker Lok Sabha today, it has been decided to hold discussion in Lok Sabha on 150th Anniversary of National Song 'Vande Mataram' from 12 Noon on Monday 8th Dec and discussion on Election Reforms from 12 noon on Tuesday 9th Dec.
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) December 2, 2025
'वंदे मातरम्' पर ऐतिहासिक चर्चा
बिजनेस एडवाइजरी काउंसिल (BAC) की बैठक में तय किया गया कि 8 दिसंबर को लोकसभा में 'वंदे मातरम्' पर 10 घंटे की लंबी और विस्तृत चर्चा होगी. इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इस ऐतिहासिक चर्चा में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के इतिहास, उसके महत्व और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उसकी भूमिका पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी. यह चर्चा भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव को एक नया आयाम देने के रूप में देखी जा रही है.
लोकसभा सत्र की कार्यवाही बिना व्यवधान के चलाने पर सहमति
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई फ्लोर लीडर्स की बैठक में यह भी सहमति बनी कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के चलनी चाहिए. इस बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं ने सदन की कार्यवाही को नियमित और गंभीर मुद्दों पर केंद्रित रखने पर सहमति जताई. यह निर्णय संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है.
चुनाव सुधारों पर गहन चर्चा
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक, 9 और 10 दिसंबर को चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी. इस विषय पर 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है, जिसमें सरकार और विपक्ष दोनों अपनी राय रखेंगे. चुनाव सुधारों पर इस बहस के दौरान सरकार के कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल 10 दिसंबर को सरकार की ओर से जवाब देंगे. इस चर्चा के जरिए चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार किया जाएगा.
शीतकालीन सत्र की शुरुआत और भविष्य की कार्यवाही
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा और इसमें कुल 15 बैठकें निर्धारित की गई हैं. इस सत्र की शुरुआत पहले दो दिनों में हंगामे की भेंट चढ़ चुकी है, लेकिन अब सभी दलों के बीच सहमति बनी है कि इसे सुचारु रूप से संचालित करने के प्रयास किए जाएंगे. यह सत्र देश के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर प्रदान करेगा और सभी दलों की अपेक्षा है कि यह सत्र संसदीय लोकतंत्र के संचालन के लिए एक सकारात्मक कदम साबित होगा.
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