नई दिल्ली, न्यूज डेस्क: सोशल मीडिया का क्रेज आज के समय में युवा नहीं हर एक उम्र के लोगों में देखा जा रहा है. फिर चाहे वो छोटा बच्चा हो या बुजुर्ग हर किसी को फोन चलाने की लत पड़ गई है. हर कोई किसी ना किसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म (Social Media) से जुड़ा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मेंटल हेल्थ के लिए बेहद खतरनाक है. हेल्थ एक्सपर्ट (Health Expert) के मुताबिक, सोशल मीडिया डिप्रेशन, टेंशन अकेलापन और खुद को नुकसान पहुंचाने वाले निगेटिव थॉट्स को कई गुना बढ़ा सकता है. ऐसे में इससे बचने के लिए क्या किया जाना चाहिए. चलिए जानते हैं...
सोशल मीडिया का उपयोग 30 मिनट कम
आज के समय में सोशल मीडिया लोगों के जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है. ज्यादातर लोग सुबह उठते ही फोन में घंटे बिताते हैं. दिनभर और रात में सोने से पहले भी सोशल मीडिया पर कुछ ना कुछ देखते ही रहते हैं. इसका मानसिक स्वास्थ्य (Social Media Effect Mental Health पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ताजा स्टडी में खुलासा हुआ है कि अगर सोशल मीडिया का उपयोग हर दिन केवल 30 मिनट तक कम किया जाएगा तो इससे मानसिक स्वास्थ्य दुरुस्त रहेगा. इतना ही नहीं नौकरी से संतुष्टि और प्रतिबद्धता को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी. वहीं इसका लगातार इस्तेमाल करने से लोगों का काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है.
स्टडी में क्या खुलासा हुआ?
बिहेवियर एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, इन संबंधों का पता लगाने के लिए एक प्रयोग शुरू किया. जिसमें 166 लोगों ने भाग लिया और इन्हें दो हिस्सों में बांटा गया. एक समूह ने अपनी सोशल मीडिया आदतों को बदला और सोशल मीडिया पर हर दिन 30 मिनट कम बिताए, वहीं दूसरे समूह ने अपनी आदतें नहीं बदलीं. इसका रिजल्ट यह निकला कि जिन लोगों ने बदलाव किया उनकी नौकरी की संतुष्टि और मानसिक स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ. इन्हें काम करने में बोझ भी कम लगा.